Tuesday , December 12 2017

शिंदे के ख़िलाफ़ मुक़द्दमा. 7 मार्च को समाअत

नई दिल्ली, 18 फरव‌री (पी टी आई) दिल्ली की एक अदालत ने आज वज़ीर-ए-ख़ारजा सुशील कुमार शिंदे को अदालत में तलब किए जाने से मुताल्लिक़ मसाइल पर मुबाहिस की समाअत के लिए 7 मार्च की तारीख़ मुक़र्रर है।

नई दिल्ली, 18 फरव‌री (पी टी आई) दिल्ली की एक अदालत ने आज वज़ीर-ए-ख़ारजा सुशील कुमार शिंदे को अदालत में तलब किए जाने से मुताल्लिक़ मसाइल पर मुबाहिस की समाअत के लिए 7 मार्च की तारीख़ मुक़र्रर है।

ये समाअत शिंदे ख़िलाफ़ दायर करदा हतक-ए-इज़्ज़त मुक़द्दमे मे होगी जो हिंदू दहश्तगर्दी से आर एस एस और बी जे पी को शामिल करने उन के बयान पर दायर किया गया है। मेट्रो पोलीटन मजिस्ट्रेट अमीताभ रावत ने माम‌ले मे दाख़िल किए गए तमाम सबूत को रिकार्ड पर शामिल करने के बाद आइन्दा तारीख़ मुक़र्रर है।

इस से पहले अदालत ने सदर शिंदे के लॅबी से पहले दरख़ास्त गुज़ार वी पी कुमार से सबूत जमा किए। वी पी कुमार के वकील मोनीका अरोरा ने इल्ज़ाम किया कि वज़ीर-ए-दाख़िला ने जानबूझ कर रिमार्कस किए हैं जिस से मुख़्तलिफ़ तबक़ात के दरमियान नफ़रत पैदा होगी।

वी पी कुमार ने अपनी दरख़ास्त में इल्ज़ाम है कि उन्हों शिंदे के रिमार्कस का मक़सद अक़ल्लीयती वोटों की शैय राज़्य बनाने करना था क्योंकि 2014 मे लोक सभा इंतेख़ाबात होने वाले हैं। शिकायत में कहा गया है कि वज़ीर-ए-ख़ारजा का ये बयान ना सिर्फ़ तौहीन आमेज़ है बल्कि इस से हिंदूमज़हब के तौहीन भी होती है।

ये कहा गया है कि हिंदू धर्म ने ग़ैर क़ौमी और दहश्तगर्द सरगर्मियों को फ़रोग़ दिया है ।दरख़ास्त मे कहा गया है कि वज़ीर-ए-दाख़िला ने लफ़्ज़ ज़ाफ़रानी का इस्तेमाल किया है जो हक़ीक़त मे ग़लत शरारत पर मबनी और हतक आमेज़ है ।शिकायत में कहा गया है कि वज़ीर-ए-दाख़िला सुशील कुमार शिंदे ने जानबूझ कर एसे अलफ़ाज़ का इस्तेमाल किया है।

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