शिक्षा विभाग की निर्देश पर विशेष क्लासेस, परिणाम के प्रतिशत में वृद्धि का प्रयास‌

शिक्षा विभाग की निर्देश पर विशेष क्लासेस, परिणाम के प्रतिशत में वृद्धि का प्रयास‌

हैदराबाद: दसवीं कक्षा की परीक्षाएं बिलकुल क़रीब हैं। सरकार‌ ने शैक्षिक वर्ष की शुरुआत से ही बग़ैर किसी दूर अंदेशी के शिक्षक के तबादले, विधानसभा चुनाव से पहले, बादमें पंचायत चुनाव‌ और लगातार छुट्टियों के कारण से दसवीं कक्षा का पाठ्यक्रम पूरा नहीं हुआ है।

शिक्षा विभाग ने आदेश जारी किए कि पाठ्यक्रम को दिसम्ब‌र के आख़िर तक पाठ्यक्रम पूरा कर लिया जाये। इस पर शिक्षको को तेज़ी से पाठ्यक्रम पूरा करना पड़ा था। लेकिन‌ तेज़-रफ़्तार पढ़ाई की वजह से हज़ारों छात्र‌ पाठों को समझने में असमर्थ थे जिनके कारण शिक्षा विभाग को परेशानी हुई, लेकिन किसी भी तरह से, दसवीं की एक‌ जनवरी से इज़ाफ़ी क्लासेस के निर्देश पर इन क्लासेस के नाम पर ज़बरदस्ती छात्र‌ को पढ़ाए जाने की वजह से छात्र‌ ज़हनी तनाव का शिकार हो रहे हैं।

ग्रेटर हैदराबाद के तहत आने वाले दसवीं कक्षा के परीक्षाएं के परिणाम में हमेशा पीछे ही रहते हैं। पिछले साल‌ ज़िला हैदराबाद में 69,386 उम्मीदवार शरीक परिक्षा थे जिनमें 52,718 ही कामयाब रहे। ज़िला रंगा रेड्डी में 43,392 उम्मीदवारों में से 37,809 ने कामयाबी हासिल की थी जबकि ज़िला मैड़चल में 41,131 छात्रो में से 36,157 ने ही कामयाबी हासिल की थी। यहां परेशानी की बात ये है कि राज्य‌ के दौर दराज़ जिला के मुक़ाबले ग्रेटर के सीमा में आने वाले जिला के छात्र‌ की दसवीं कक्षा में कामयाबी का प्रतिशत कम होता जा है।

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