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शिवसेना का वार- क्या महाराष्ट्र में बीजेपी सरकार आंतरिक सुरक्षा के नाम पर “इमर्जेंसी” लगाने की कोशिश कर रही है?

शिवसेना ने शुक्रवार, 26 अगस्त को कहा कि आंतरिक सुरक्षा को लेकर महाराष्ट्र सरकार का प्रस्तावित कानून ‘लोकतंत्र के लिए एक झटका’ होगा और अगर यह लागू होता है तो राज्य में आपातकाल से बदतर हालात हो जाएंगे। शिवसेना ने अपने मुखपत्र ‘सामना’ में एक संपादकीय में कहा, ‘क्या सरकार आतंरिक सुरक्षा के नाम पर राज्य में आपातकाल लगाने की कोशिश कर रही है, इसका विरोध होना चाहिए। यह कानून आपातकाल से बदतर है जिसे 1975 में इंदिरा गांधी ने लागू किया था।’ सरकार में साझेदार पार्टी ने कहा, ‘जो आज सत्ता (बीजेपी) में हैं उन्होंने तत्कालीन सरकार पर विभिन्न आरोप लगाए थे हालांकि इस तरह की कोई शिकायत नहीं है जो यह साबित करे कि आम लोगों को परेशानी हुई थी।’

पार्टी ने आरोप लगाया कि महाराष्ट्र आंतरिक सुरक्षा कानून से मौजूदा फड़णवीस सरकार लोगों के भरोसे के साथ विश्वासघात कर रही हैं। उसने कहा, ‘यह लोगों की आजादी को कुचलने की एक कोशिश है और लोकतंत्र को एक झटका है। राज्य में अचानक से क्या हो गया जिससे आंतरिक सुरक्षा को खतरा पैदा हो गया। अगर आपातकाल लागू करना है तो इसे कश्मीर में करें या गुजरात में करें जहां पत्रकारों की हत्या की जा रही है और दलितों पर अत्याचार हो रहे हैं।’

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