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शीना का पता चलाने पीटर से पुलिस ने दरख़ास्त की थी

मुंबई: शीना बोरा क़तल केस में गिरफ़्तार पीटर मुख़‌र्जी और उनकी बीवी इंदिरानी मुख़‌र्जी ने 2012 में मुंबई के एक सीनियर पुलिस अफ़्सर से रुजू हो कर शीना बोरा के मोबाईल फ़ोन काल के मुक़ाम की निशानदेही में मदद की दरख़ास्त की थी। जवाइंट कमिशनर पुलिस (अमन-ओ-क़ानून) देवेन भारती के मुताबिक़ इस जोड़े ने उनसे टेलीफ़ोन पर बात की थी और लापता लड़की के मोबाईल फ़ोन की मौजूदगी के मुक़ाम का पता चलाने की दरख़ास्त की थी, उस वक़्त देवेन भारती ऐडिशनल कमिशनर (क्राईम) थे।

भारती ने जो उस वक़्त क्राईम ब्रांच की क़ियादत कर रहे थे और लापता अफ़राद का पता चलाने वाले नूडल ऑफीसर भी थे। सी बी आई ज़राए ने कहा कि मीडिया इदारे के साबिक़ सरबराह पीटर से पूछगिछ के दौरान इस हक़ीक़त का इन्किशाफ़ हुआ। ये दावा भी किया गया है कि पीटर इंदिरानी जोड़े ने बाद में भारती की तरफ़ से मुक़र्ररा तहक़ीक़ाती पुलिस अफ़्सर से कहा था कि इस वाक़िये की तहक़ीक़ात बंद कर दी जाएं क्योंकि लापता लड़की का पता चल गया है लेकिन ये सवालात भी उठने लगे हैं कि इस अफ़्सर ने जोड़े के दावे की तौसीक़ और लापता लड़की के मिलने का सबूत दरयाफ़त करने की कोशिश क्यों नहीं की।

मीडिया की सरकरदा शख़्सियत 59 साला पीटर मुख़‌र्जी सी बी आई ने उनकी बीवी इंदिरानी की एक बेटी शीना बोरा क़तल केस की तहक़िक़ात के ज़िमन में जुमेरात को गिरफ़्तार किया था। इन पर क़तल और मुजरिमाना साज़िश का इल्ज़ाम आइद किया गया है।

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