Tuesday , December 12 2017

शुंगलू कमेटी ने केजरीवाल सरकार के कामकाज पर उठाए सवाल, अधिकारों के दुरुपयोग का लगाया इल्ज़ाम

नई दिल्ली। दिल्ली से सीएम अरविंद केजरीवाल को दिल्ली नगर निगम (MCD) चुनाव से पहले झटका लगा है। शुंगलू कमेटी ने केजरीवाल सरकार के कामकाज और उसके कई फैसलों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए है।

शुंगलू कमेटी ने सरकार के कुल 440 फैसलों से जुड़ी फाइलों को खंगाला है। इनमें से 36 मामलों में फैसले पेंडिंग होने की वजह से इनकी फाइलें सरकार को लौटा दी गई थीं।

पूर्व कंट्रोलर और ऑडिटर जनरल वीके शुंगलू की अगुआई वाली कमेटी ने केजरीवाल सरकार के फैसलों से जुड़ी 404 फाइलों की जांच कर इनमें कॉन्स्टिट्यूशनल प्रोविजंस के अलावा एडमिनिस्ट्रेटिव प्रॉसेस से जुड़े नियमों की अनदेखी किए जाने का खुलासा किया है।

शुंगलू समिति ने अपनी रिपोर्ट में केजरीवाल सरकार द्वारा शासकीय अधिकारों के दुरुपयोग के मामलों में अधिकारियों के तबादले, तैनाती और अपने करीबियों की तमाम पदों पर नियुक्ति करने का जिक्र किया है।

इसमें कहा गया है कि तत्कालीन उपराज्यपाल नजीब जंग ने दिल्ली सरकार के क्षेत्राधिकार को लेकर महाधिवक्ता से परामर्श कर 15 अप्रैल 2015 को मुख्यमंत्री केजरीवाल को कानून के पालन की नसीहत दी थी।

रिपोर्ट के मुताबिक आम आदमी पार्टी के विधायक अखिलेश त्रिपाठी को अनुचित ढंग से टाइप 5 बंगला आवंटित कर दिया। निकुंज अग्रवाल को स्वास्थ्य मंत्री का ओएसडी बनाए जाने पर सवाल उठाया गया है। अग्रवाल अरविंद केजरीवाल के रिश्तेदार हैं।

इसके अलावा दिल्ली में सीसीटीवी लगाने, मोहल्ला क्लीनिक और भ्रष्टाचार की शिकायत के लिए फोन नंबर 1030 शुरू करने की प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं।

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