Thursday , December 14 2017

शुमाली (उत्तरी ) वज़ीरस्तान: खसरे से 12 बच्चे जांबाहक़ (हलाक)

पाकिस्तान के शुमाल मग़रिबी (उत्तर पश्चिम) क़बाइली इलाक़े में ख़सरा की वबा (बिमारी) फूटने से तीन हफ़्तों में 12 बच्चे फ़ौत (हलाक) हो गए। डाक्टरों ने पीर को बताया कि अदवियात (दवाएं) की कमी के बाइस (वजह से) ये वबा (बिमारी) फैल रही है। शुमाल

पाकिस्तान के शुमाल मग़रिबी (उत्तर पश्चिम) क़बाइली इलाक़े में ख़सरा की वबा (बिमारी) फूटने से तीन हफ़्तों में 12 बच्चे फ़ौत (हलाक) हो गए। डाक्टरों ने पीर को बताया कि अदवियात (दवाएं) की कमी के बाइस (वजह से) ये वबा (बिमारी) फैल रही है। शुमाली (उत्तरी ) वज़ीरिस्तान के सब से बड़े शहर मीरानशाह के मर्कज़ी हस्पताल के सरबराह डाक्टर मुहम्मद अली शाह ने बताया कि फ़ौजी आप्रेशन्ज़,बिजली का तात्तुल और कर्फ्यू के बाइस (वजह से) अदवियात (दवाएं) की क़िल्लत पैदा हुई है।

दूरदराज़ और ग़ुर्बत ज़दा अफ़्ग़ान सरहद से मुंसलिक (लगे हुए) ये ज़िला तालिबान और अलक़ायदा का पाकिस्तान का सब से बदनाम तरीन गढ़ है और इस इलाक़े पर तसलसुल (निरंतर) के साथ अमरीकी ड्रोन हमलों से इस्लामी अस्करीयत (जंगजू) पसंदों को निशाना बनाया जाता है। मुहम्मद अली ने बताया कि गुज़श्ता तीन हफ़्तों में खसरे में मुबतला यौमिया (रोज) पाँच से दस बच्चों को हस्पताल लाया जा रहा है।

उन्हों ने मज़ीद कहा कि उमूमन इस बीमारी से साल में एक या दो अम्वात ही वाक़ै होती थीं। हमारे पास बिजली की तवील लोडशेडिंग और कर्फ्यू के बाइस (वजह से) ख़सरा वैक्सीन को ज़ख़ीरा करने का मुनासिब इंतिज़ाम नहीं और उन वजूहात के बाइस (वजह से) हमारा ज़ख़ीरा ज़ाए हो जाता है। उन्हों ने हुकूमत से इलाक़े में मोबाइल वेकसनीशन टीमों को भेजने का मुतालिबा किया और फ़ौरी तौर पर कार्रवाई ना करने की सूरत में उन्हों ने टाईफ़ाएड बीमारी के फूटने का अंदेशा ज़ाहिर किया।

TOPPOPULARRECENT