Friday , December 15 2017

शुमाल मशरिक़ी अवाम का चेन्नाई और पौने से इनख़ला-ए-जारी

आसाम तशद्दुद के बाद जवाबी हमलों के अंदेशों से ख़ौफ़ज़दा शुमाल मशरिक़ी रियास्तों के अफ़राद के कर्नाटक से इनख़ला-ए-में कमी हुई है लेकिन चेन्नाई और पौने से उन अफ़राद के इनख़ला-ए-का सिलसिला लगातार तीसरे रोज़ भी जारी रहा।

आसाम तशद्दुद के बाद जवाबी हमलों के अंदेशों से ख़ौफ़ज़दा शुमाल मशरिक़ी रियास्तों के अफ़राद के कर्नाटक से इनख़ला-ए-में कमी हुई है लेकिन चेन्नाई और पौने से उन अफ़राद के इनख़ला-ए-का सिलसिला लगातार तीसरे रोज़ भी जारी रहा।

बैंगलौर में रेलवे ओहदेदारों ने कहा कि मर्कज़ की जानिब(तरफ‌) से तहफ़्फ़ुज़ का तीक़न दिए जाने के बाद इस शहर से शुमाल मशरिक़ी रियास्तों के ख़ौफ़ज़दा अवाम के इनख़ला-ए-में कमी हुई है। रियास्ती हुकूमत भी बैंगलौर में रेपिडाक्शण फ़ोर्सस की छः कंपनीयां ताय्युनात की जाएंगी।

वाज़िह रहे कि शुमाल मशरिक़ी रियास्तों से ताल्लुक़ रखने वाले तक़रीबन 30 हज़ार अफ़राद ख़ौफ़-ओ-हुर्रा सानी की हालत में अपनी रियास्तों को लौट गए। दूसरी रियास्तों से वापिस होने वालों के बेपनाह हुजूम का सबब आसाम के गोहाटी रेलवे स्टेशन पर भगदड़ जैसी सूरत-ए-हाल है।

बसव अजीत सहार ये ने कहा कि वापसी के लिए ट्रेन में सवार होने तक शुमाल मशरिक़ के किसी भी शख़्स पर कोई हमला नहीं हुआ था। आर ऐस ऐस कारकुनों को मुख़्तलिफ़ रेलवे स्टेशनों पर पानी और ग़िज़ाई पैकेटस तक़सीम करते देखे गए। चेन्नाई और पौने रेलवे स्टेशनों पर लगातार तीसरे दिन भी वापिस होने वालों का ज़बरदस्त हुजूम देखा गया।

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