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शेरशाह मुसलमानों को नहीं मिल रहा सरर्टिफिकेट : वृंदा करात

माकपा पोलित ब्यूरो की रुक्न वृंदा करात ने वज़ीरे आला को झारखंड के पाकुड़ और साहेबगंज जिलों के छह लाख शेरशाहवादी मुसलमानों की मसले की जानकारी दी। उन्हें बताया गया कि इनको दीगर पसमान्दा तबके का सर्टिफिकेट नहीं दिया जा रहा है। जबकि

माकपा पोलित ब्यूरो की रुक्न वृंदा करात ने वज़ीरे आला को झारखंड के पाकुड़ और साहेबगंज जिलों के छह लाख शेरशाहवादी मुसलमानों की मसले की जानकारी दी। उन्हें बताया गया कि इनको दीगर पसमान्दा तबके का सर्टिफिकेट नहीं दिया जा रहा है। जबकि पहले यह इशू होता था। इस मामले में उन्होंने मर्कज़ी वज़ीर से भी मुलाकात की थी। उन्होंने कहा था कि मर्कज़ ने ऐसा कोई हुक्म रियासत को नहीं दिया है। वज़ीरे आला ने इस मामले पर संजीदगी से ध्यान देने का यकीन दिया है। वज़ीरे आला से जुंगल हक़ कानून के मुद्दे पर भी बात हुई। वृंदा करात ने कहा कि आदिवासियों को जुंगल ज़मीन का पट्टा नहीं मिल रहा है।

झरिया में हुकूमत को बड़े हादसा का इंतजार

वृंदा करात ने कहा है कि रियासत और मर्कज़ी हुकूमत झरिया में बड़ी हादसा के इंतजार में हैं। झरिया में लगी आग से मुतासीर लोगों को नया मुकाम नहीं दिया जा रहा है। जो मुकाम दिया गया है, वह सही नहीं है। वहां आम लोगों की सहूलतों का ख्याल नहीं रखा गया है। झरिया समेत दीगर तीन मुद्दों को लेकर मिसेज करात ने मंगल को वज़ीरे आला हेमंत सोरेन से मुलाकात की। मुलाकात के बाद सत्य भारती एडिटोरियम में सहाफ़ियों से बात की। इससे पहले उन्होंने झरिया की आग पर दिल्ली की स्मिता गुप्ता की कियादत में तैयार मुताला किताब की रस्म अजरा किया।

मिसेस करात ने बताया कि रियासत हुकुमत भी झारिया में लगी अंडरग्राउंड आग को लेकर लताल्लुक है। रियासत हुकूमत ने जेआरडीए की तशकील किया है। इसके लिए मर्कज़ हुकूमत ने नौ हजार करोड़ रुपये भी दिये हैं। इससे मुतासीर लोगों का बाज आबादकारी करना है। अब तक महज़ 300 करोड़ रुपये ही खर्च किये गये हैं। इस अंडरग्राउंड आग से कुल सात लाख लोग मुतासीर हैं। मिसेस करात ने बताया कि वज़ीरे आला ने इस सिम्त में पहल करने का यकीन दिया है।

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