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श्रीनगर हमले में पाकिस्तान के मुलव्वस होने का इशारा

नई दिल्ली, 15 मार्च: (पी टी आई) मुख़्तलिफ़ सयासी पार्टीयों की कश्मीर में दहशतगर्द हमले पर शदीद तन्क़ीद का सामना करने वाली मर्कज़ी हुकूमत ने आज इशारा दिया कि इन हमलों में पाकिस्तानी रब्त का इशारा मालूम होता है, ताहम खुल कर ये कहने से गुर

नई दिल्ली, 15 मार्च: (पी टी आई) मुख़्तलिफ़ सयासी पार्टीयों की कश्मीर में दहशतगर्द हमले पर शदीद तन्क़ीद का सामना करने वाली मर्कज़ी हुकूमत ने आज इशारा दिया कि इन हमलों में पाकिस्तानी रब्त का इशारा मालूम होता है, ताहम खुल कर ये कहने से गुरेज़ किया कि दहशतगर्दों का उसी मुल्क से ताल्लुक़ है।

लोक सभा और राज्य सभा में यकसाँ नौईयत का बयान देते हुए मर्कज़ी वज़ीर-ए-दाख़िला सुशील कुमार शिंदे ने कहा कि बाअज़ इशारे मिले हैं जिन से अंदाज़ा होता है कि हमले में पाकिस्तान से ताल्लुक़ रखने वाले दहशतगर्दों की वाजेह छाप पाई जाती थी।

हमले के बाद सी आर पी एफ़ कैंप में एनकाउ‍ंटर के दौरान हलाक होने वाले दहशतगर्दों की नाशों से ऐसी अशीया दस्तयाब हुई हैं। अरकान-ए-पार्लीमेंट ने जिनका ताल्लुक़ मुख़्तलिफ़ सयासी पार्टीयों से था, आज हुकूमत पर सख़्त तन्क़ीद करते हुए कहा था कि हुकूमत दहशतगर्द हमलों को रोकने में नाकाम रही है और पाकिस्तान की सरज़मीन से होने वाले दहशतगर्द हमलों का इंसेदाद नहीं कर सकी।

मर्कज़ी वज़ीर-ए-दाख़िला सुशील कुमार शिंदे ने कहा कि महलूक दहशतगर्द शुबा है कि ग़ैरमुल्की थे। जब राज्य सभा में उन पर दबाव डाला गया कि वो अपने तब्सिरे की वज़ाहत करें तो सुशील कुमार शिंदे ने कहा कि वो ये नहीं कह रहे हैं कि दहशतगर्द पाकिस्तानी थे। उन्होंने सिर्फ़ ग़ैरमुल्कियों का तज़किरा किया है।

महलूक दहशतगर्दों की नाशों से दो डायरीयां दस्तयाब हुई हैं जिन में सिर्फ़ नंबर दर्ज हैं जो शुबा किया जाता है कि पाकिस्तानी नंबर्स हैं। इसके इलावा बेटो नोवा की एक टयूब हासिल हुई है। ये जल्दी अमराज़ का एक मरहम है। मज़ीद तहक़ीक़ात से इन्किशाफ़ ( ज़ाहिर) हुआ कि ये टयूब गलास्किसो स्मिथ क्लाइन पाक लिमिटेड 35 डाक यार्ड,कराची की तैयार करदा है।

टयूब का नाम उर्दू में तहरीर है और डायरियों में जो नंबर दर्ज हैं, शुबा है कि वो पाकिस्तानी नंबर हैं। उन्होंने पुरज़ोर अंदाज़ में कहा कि हुकूमत दहशतगर्दों से पूरी ताक़त के साथ निमट रही है। उन्होंने कहा यहां कोई चूड़ियां नहीं पहना है, सब के हाथ में ताक़त है।

वो अरकान की तन्क़ीद का नर्म लब-ओ-लहजा में जवाब दे रहे थे। साथ ही साथ उन्होंने कहा कि हुकूमत जानती है कि ऐसी कोशिशें कहाँ से हो रही हैं लेकिन मुंबई दहशतगर्द हमले के मुजरिम अजमल क़स्साब और पार्लीमेंट हमले के मुजरिम अफ़ज़ल गुरु को फांसी देने के बाद ऐसी कोशिशें होने का अंदेशा था।

अहिंदे ने कहा कि आप चाहते हैं कि हम कुछ कार्रवाई करें, अगर हम कार्रवाई ना करना चाहें तो आप कहेंगे कि हुकूमत के हाथ बंधे हुए हैं। मर्कज़ी वज़ीर-ए-दाख़िला ने कहा कि महलूक दहशतगर्दों की नाशें जो एनकाउंटर में हलाक किए गए, उन के चेहरे शेव किए हुए थे जिससे इस बात की तौसीक़ होती है कि वो फ़िदाईन थे।

महलूक दहशतगर्दों पर शुबा है कि वो ग़ैरमुल्की नज़ाद थे हालाँकि इस वाक़िया की ज़िम्मेदारी हिज़्बुल-मुजाहिदीन पर आइद की जा रही है, लेकिन इस दावे की तौसीक़ हनूज़ नहीं हो सकी।

सुशील कुमार शिंदे ने इस इद्दिआ से इत्तिफ़ाक़ नहीं किया कि वादी कश्मीर में दहशतगर्दी के महाज़ पर सूरत-ए-हाल बदतर हो चुकी है। उन्होंने कहा कि बेशक दहशतगर्द वाक़ियात की तादाद में इन्हेतात ( कमी) पैदा हुआ है, इस के इलावा जम्मू-ओ-कश्मीर में गुज़श्ता चंद साल से दरअंदाज़ी के वाक़ियात में भी कमी आई है।

उन्होंने कहा कि कई वाक़ियात बेहतर सुराग़ रसानी और बाहमी तआवुन के ज़रीया रोक दिए गए हैं।

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