Sunday , January 21 2018

श्रीलंका में असातिज़ा की हड़ताल , जमिआत ग़ैर मुअय्यना मुद्दत केलिए बंद

तालीमी उदरों में सरकारी मदाख़िलत के ख़िलाफ़ दो माह से जारी हड़ताल के बाद श्रीलंका में तक़रीबन तमाम जमिआत को ग़ैर मुअय्यना मुद्दत के लिए बंद कर दिया गया है श्रीलंका में इस साल जुलाई से असातिज़ा और जमिआत के दीगर अहलकार हड़ताल पर हैं।

तालीमी उदरों में सरकारी मदाख़िलत के ख़िलाफ़ दो माह से जारी हड़ताल के बाद श्रीलंका में तक़रीबन तमाम जमिआत को ग़ैर मुअय्यना मुद्दत के लिए बंद कर दिया गया है श्रीलंका में इस साल जुलाई से असातिज़ा और जमिआत के दीगर अहलकार हड़ताल पर हैं।

वो तालीमी इदारों को जुज़वी तौर परंजी बनाने की हुकूमती मंसूबा बंदी के ख़िलाफ़ हैं और हुकूमती मदाख़िलत के ख़िलाफ़ और तालीमी इदारों की माली इमदाद बढ़ाने के मुतालिबात के हक़ में हड़ताल कर रहे थे उन के मुतालिबात मैं इदारों में सयासी मदाख़िलत का ख़ातमा और तनख़्वाहों में इज़ाफ़ा शामिल हैं श्रीलंका में तालीमी इदारे हमेशा से हुकूमती सरपरस्ती में रहे हैं और मुफ़्त तालीम मुहय्या करते रहे हैं

हुकूमत ने दो माह लंबी हड़ताल के जवाब में पंद्रह हुकूमती यूनीवर्सिटीयों में से 13 को ग़ैर मुअय्यना मुद्दत के लिए बंद कर दिया है हुक्काम ने इल्ज़ाम आइद किया है कि असातिज़ा तालिब-ए-इलमों को बे उम्मीद तारीकी में धकेल रहे हैं हुकूमत ने हड़तालियों पर हुकूमत का तख़्ता उल्टने की कोशिश करने का इल्ज़ाम भी आइद किया है।

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