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श्रीलंका में दौलत-ए-मुश्तरका सरबरहान-ए-ममलकत चोटी कान्फ्रेंस

वज़ीर-ए-आज़म की शिरकत का फ़ैसला हनूज़ नहीं किया गया: हुकूमत , नए रुकन की नामज़दगी मुल्तवी

वज़ीर-ए-आज़म की शिरकत का फ़ैसला हनूज़ नहीं किया गया: हुकूमत , नए रुकन की नामज़दगी मुल्तवी
श्रीलंका में मुक़र्रर दौलत-ए-मुश्तरका सरबरहान-ए-ममलकत चोटी कान्फ्रेंस में वज़ीर-ए-आज़म की शिरकत की तमिल‌ अरकान-ए‍-पार्लियामेंट की जानिब से मुख़ालिफ़त के पेशे नज़र आज हुकूमत ने अपने बयान में कहा कि फ़िलहाल ऐसा कोई फ़ैसला नहीं किया गया है कि हिन्दुस्तान, श्रीलंका में नवंबर में मुक़र्रर इस चोटी कान्फ्रेंस में शिरकत करेगा। मार्च में हुकूमत को एक मकतूब वसूल हुआ था जो चीफ़ मिनिस्टर तमिलनाडू और चीफ़ मिनिस्टर पडोचैरी ने रवाना किया था।

इस में वज़ीर-ए-आज़म पर ज़ोर दिया गया था कि वो कोलंबो में मुक़र्रर दौलत-ए-मुश्तरका सरबरहान-ए-ममलकत चोटी कान्फ्रेंस में शिरकत ना करें। वज़ीर-ए-ख़ारजा सलमान ख़ुरशीद ने वकफ़ा-ए-सवालात के दौरान राज्य सभा को इत्तेला दी कि हुकूमत ने दौलत-ए-मुश्तरका सरबरहान-ए-ममलकत चोटी कान्फ्रेंस 2013 में शिरकत के बारे में हनूज़ कोई फ़ैसला नहीं किया है। ज़िमनी सवालात का जवाब देते हुए मर्कज़ी वज़ीर-ए-ममलकत बराए ख़ारिजी उमोर प्रीनीत कौर ने कहा कि काफ़ी ग़ौर-ओ-ख़ौज़ के बाद फ़ैसला किया जाएगा।

उन्होंने मज़ीद कहा कि कोलंबो में दौलत-ए-मुश्तरका सरबरहान-ए-ममलकत चोटी कान्फ्रेंस के इनीक़ाद का फ़ैसला 2009 में किया गया था। श्रीलंका में इंसानी हुक़ूक़ की ख़िलाफ़वरज़ी से मुताल्लिक़ मसाइल के बारे में सवाल का जवाब देते हुए मर्कज़ी वज़ीर-ए-ममलकत ने कहा कि हकूमत-ए-हिन्द हुकूमत श्रीलंका के साथ इस मसले पर रब्त पैदा करचुकी है और अक़वाम-ए-मुत्तहिदा के इदारा बराए इंसानी हुक़ूक़ में भी ये मसला उठा चुकी है।

एक और ज़िमनी सवाल का जवाब देते हुए वज़ीर-ए-ख़ारजा सलमान ख़ुरशीद ने कहा कि हिन्दुस्तान श्रीलंका के दस्तूर में तेरहवीं तरमीम का मुकम्मल तौर पर पाबंद है। ये तरमीम नसली तबक़ात को तफ़वीज़ इख़्तयारात से मुताल्लिक़ है। जिन में तमिल‌ नज़ाद श्रीलंका के शहरीयों का तबक़ा भी शामिल है। सलमान ख़ुरशीद ने अरकान से ख़ाहिश की कि वो इस सूरत-ए-हाल पर जो श्रीलंका की बहरीया के हिन्दुस्तानी माहीग़ैरों पर बार बार हमलों की वजह से पैदा हुई है, तवज्जु दहानी के जवाब का इंतेज़ार करें।

मर्कज़ी वज़ीर बराए ग़ैर मुल्की हिन्दुस्तानी उमोर वायलार रवी ने राज्य सभा को इत्तेला दी कि प्रवासी भारती दीवस 2014 (ग़ैर मुक़ीम हिन्दुस्तानी शहरीयों का दिन 2014ई) दिल्ली में मुनाक़िद किया जाएगा। क़ब्लअज़ीं राज्य सभा में अपोज़िशन की मुख़ालिफ़त की बिना पर 2G अस्क़ाम की तहक़ीक़ात करनेवाली मुशतर्का पारलीमानी कमेटी ने डी ऐम के रुकन की जगह नए रुकन की नामज़दगी के हुकूमत के इक़दाम को मुल्तवी कर दिया गया।

जब नए रुकन की नामज़दगी की क़रारदाद पेश की गई तो बी जे पी और अन्ना डी ऐम के अरकान ने पुरशोर अंदाज़ में उसकी मुख़ालिफ़त की।

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