Tuesday , December 12 2017

श्रीलंका में रोहिंग्या शरणार्थियों पर कट्टर बौद्धों का हमला

कोलंबो: कट्टर बौद्ध मतावलंबी श्रीलंका की राजधानी के पास रोहिंग्या शरणार्थियों के लिए निर्धारित संयुक्त राष्ट्र के एक सुरक्षित भवन में घुस गए और अधिकारियों को मजबूर कर दिया कि वे इन लोगों को दूसरी जगह भेजे. एक तरफ जहां रोहिंग्या मुस्लिमों पर म्यांमार में अत्याचार की खबरे आ रही हैं, वहीं दूसरी तरफ श्रीलंका में राजधानी कोलंबो के पास भी एक राहत कैंप को निशाना बनाया गया है. बतादें कि म्यांमार में रोहिंग्या मुस्लिमों पर हमलों की खबर आती रही हैं. साथ ही उन्हें वहां से भगाया जा रहा है. जिसके चलते समुदाय के लोग अलग-अलग देशों में शरण ले रहे हैं. जबकि कुछ देशों में पहले से ही रोहिंग्या मुस्लिम शरणार्थी रहते आ रहे हैं.

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि भगवा वस्त्र धारण किए बौद्ध मतावलंबी शरणार्थियों के बहुमंजिला परिसर में घुस गए. ‘‘हमने भीड़ को पीछे धकेल दिया और शरणार्थियों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाया गया है.’’  एक बौद्ध मतावलंबी ने फेसबुक पर एक लाइव कमेंट्री में कहा कि ये रोहिंग्या आतंकवादी हैं जिन्होंने म्यांमार में बौद्ध मतावलंबियों की हत्या की है.

गौतलब है की इस साल मई में श्रीलंका की नौसेना ने समुद्र में एक बोट में सफर कर रहे 31 रोहिंग्या शरणार्थियों को बचाया था। सिंहलीज नैशनल फोर्स के एक चरमपंथी बौद्ध भिक्षु ने रोहिंग्या शरणार्थियों के खिलाफ भीड़ का नेतृत्व किया था। इस बौद्ध भिक्षु ने फेसबुक पर अपने लाइव विडियो में गोद में बच्चा लिया एक रोहिंग्या औरत की तरफ इशारा करते हुए कहा था कि ये रोहिंग्या आतंकवादी हैं, जिन्होंने म्यांमार में बौद्ध भिक्षुओं को मारा है।

श्रीलंका के चरमपंथी बौद्ध भिक्षुओं का संबंध म्यांमार के अपने अतिवादी राष्ट्रवादी समकक्षों के साथ संबंध है। दोनों पर ही अपने देशों में अल्पसंख्यक मुस्लिमों के खिलाफ हिंसा के लिए उकसाने का आरोप है।

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