Tuesday , December 12 2017

श्री श्री रविशंकर ढोंगी और पाखंडी है, दोहरी किस्म की बात कर रहे हैं- महंत ज्ञान दास

लखनऊ। राम मंदिर मुद्दे पर राजनीति इस वक्त पूरी तरह चरम पर है। आध्यात्मिक गुरू श्री श्री रविशंकर मध्यस्थता कर रहे हैं और कई पक्षकारों से मुलाकात कर रहे हैं।

लेकिन इसके बावजूद भी अलग-अलग आवाजें उठ रही हैं। हनुमान गढ़ी के महंत ज्ञान दास ने शुक्रवार को कहा कि राम मंदिर तो 2010 में ही बन जाता लेकिन हमारे साथ धोखा किया गया था।

उन्होंने बताया कि उस दौरान एग्रीमेंट पर सभी के दस्तखत हो गए थे, बस निर्मोही अखाड़े के दस्तखत रह गए थे। अशोक सिंघल, विनय कटियार और श्री श्री रविशंकर ने मना कर दिया था। जिसके बाद हमें एग्रीमेंट के कागज जलाने पड़े थे।

महंत ज्ञान दास ने कहा कि श्री श्री ढोंगी पाखंडी हैं, वह दोहरी बात कर रहे हैं। हम उनके साथ बंगलुरू गए थे तो हमें अकेले में बुलाकर कहा गया कि मुसलमानों को आप क्यों बढ़ावा देते हैं।

लेकिन बाद में हमनें देखा कि अपने दरबार में उन्होंने मुसलमानों को ऊंचे आसनों पर बिठा रखा था। हमनें इस बात पर उनको बहुत डांटा था, ये दोगला चरित्र है. उन्होंने कहा कि कल जब वो हमसे मिलने आ रहे थे, इसलिए हमने मिलने से मना किया था।

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