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संघ और बीजेपी से जुड़े लोगों की संस्था ने 9 महीने में नेता बनाने वाला कोर्स किया शुरू

मुंबई : संघ और बीजेपी से जुड़े लोगों की संस्था ने 9 महीने में नेता बनाने वाला कोर्स शुरू किया है। इस कोर्स की फीस ढाई लाख रुपये। मुंबई से करीब 55 किलोमीटर दूर उत्तन में समंदर के किनारे यह इंस्टिट्यूट है। जिसे संघ विचारधारा का प्रचार करने वाली संस्था रामभाऊ म्हालगी प्रबोधिनी ने शुरू किया है। नाम है – इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ डेमोक्रेटिक लीडरशिप। इसका बुधवार को उद्घाटन किया गया। इस इंस्टिट्यूट में ‘नेतागीरी’ की पढ़ाई कराई जाएगी। इस पोस्ट ग्रैजुएट स्तर के कोर्स में प्रवेश लेने वालों को नेता बनने के गुर सिखाने के अलावा राजनीति, शासनतंत्र और जनता से जुड़े मामलों की शिक्षा दी जाएगी।

32 लोगों ने लिया दाखिला
नौ महीने में नेता बनाने वाले इस कोर्स में पहली ही खेप में 32 लोगों ने प्रवेश लिया है। इनमें एमबीए से लेकर आईआईटी पास युवा और उद्योगपतियों के बेटे भी हैं। प्रवेश लेने वालों में ज्यादातर तो महाराष्ट्र के हैं, लेकिन उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, तेलंगाना, पश्चिम बंगाल सहित मध्य प्रदेश के नेता बनने के इच्छुक युवा भी यहां पढ़ाई को आए हैं।

विधायक ने पत्नी को दिलाया प्रवेश
बीजेपी के नेताओं के लिए रिश्तेदारों को राजनीति में स्थापित करने का यह अच्छा जरिया मिल गया है। जिस इलाके में इंस्टिट्यूट है, वहां के स्थानीय विधायक (मीरा भयंदर से) और बीजेपी नेता नरेंद्र मेहता ने पत्नी सुमन मेहता को इंस्टिट्यूट में प्रवेश दिलाया है। मेहता इस कोर्स में प्रवेश लेने वाली एकमात्र महिला हैं। वह पहली बार तब चर्चा में आईं थीं, जब विधायक पति ने उन्हें पांच करोड़ की लैंबॉर्गिनी गिफ्ट में दी थी और इसे चलाते हुए पत्नी ने ऑटो रिक्शा को टक्कर मार दी थी।

कोर्स का मकसद
नेतागीरी के इस इंस्टिट्यूट के बारे में बीजेपी के पूर्व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और राज्यसभा सांसद रह चुके डॉ. विनय सहस्त्रबुद्धे (रामभाऊ म्हालगी संस्थान के उपाध्यक्ष) कहते हैं, ‘यह कोर्स उन युवाओं और प्रफेशनल्स के लिए है, जो राजनीति के क्षेत्र में करियर बनाना चाहते हैं। उन्होंने कहा, इस कोर्स का मकसद प्रशिक्षित, नैतिक और जिम्मेदार संक्षेप में ‘नए भारत के लिए नए नेता’ पैदा करना है।’

पंडित दीनदयाल उपाध्याय के विचारों के आधार पर 1982 में इस संस्थान की स्थापना की गई। इसका मूल उद्देश्य सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्र में प्रशिक्षण और शोध को बढ़ावा देना है। भाईंदर के पास उत्तन में 15 एकड़ जमीन में फैले इस संस्थान को विकसित करने में बीजेपी के दिवंगत नेता प्रमोद महाजन की बड़ी भूमिका रही है।

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