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संघ परिवार को अमेरीका से ख़तीर रक़ूमात की इम्दाद का सनसनीखेज़ इन्किशाफ़

साऊथ एशिया सीटीज़न वेब (एसए सी डब्लयू) ने संघ परिवार को अमेरीका से ख़तीर रक़ूमात की इम्दाद का सनसनीखेज़ इन्किशाफ़ किया है। जिस में बताया गया है कि संघ परिवार से मुंसलिक अमेरीका के समाजी खिदमाती इदारों के मुताल्लिक़ अवामी सतह पर दस्तयाब

साऊथ एशिया सीटीज़न वेब (एसए सी डब्लयू) ने संघ परिवार को अमेरीका से ख़तीर रक़ूमात की इम्दाद का सनसनीखेज़ इन्किशाफ़ किया है। जिस में बताया गया है कि संघ परिवार से मुंसलिक अमेरीका के समाजी खिदमाती इदारों के मुताल्लिक़ अवामी सतह पर दस्तयाब 2001से 2004 तक किस तरह इम्दाद हासिल की गई है। रिपोर्ट टैक्स अदायगी दस्तावेज़ात और अख़बारी रिपोर्टस वग़ैरह पर मुश्तमिल है। जिस में अमरीका में हिंदू क़ौमी इदारों की सरगर्मीयों और उन की पालिसी के मुताल्लिक़ मुकम्मल तजज़िया किया गया है।

रिपोर्ट के मुताबिक़ गुज़श्ता तीन दहाईयों से भारत को ज़ाफ़रानी रंग में रंगने या ज़ाफ़रानकार करने की मुहिम ज़बरदस्त पैमाने पर जारी है, जुनूबी एशिया और ग़ैर रिहायशी हिंदूस्तानी( एन आर आइज़)तबक़ात में सियासी और समाजी सतह पर हिंदू क़ौमीयत की परवरिश का काम बहुत ही मुनज़्ज़म तरीक़ा पर अंजाम दिया जा रहा है। संघ परिवार की अहम तंज़ीमें आर एस एस, विश्व हिंदू परिषद , बजरंग दल और बी जे पी में कुल 10 लाख से ज़ाइद कारकुनान हैं।

हिंदुस्तानी और बैन-उल-अक़वामी अदालती कमेटियां ,फैक्ट फ़ाइंडिंग समीतीयाँ (हक़ायक़ जांच कमेटियां ), बैन-उल-अक़वामी हक़ूक़-ए-इंसानी की तंज़ीमें और हुकूमत अमरीका के मुख़्तलिफ़ महकमाजात की तरफ़ से किए गए मुतालआती रिपोर्ट इस बात की तसदीक़ करती हैं कि जैसे जैसे हिंदू क़ौमीयत में इज़ाफ़ा हो रहा है वैसे वैसे वैसे मुसलमानों , ईसाईयों और दीगर अक़लीयतों , संघ परिवार मुख़ालिफ़ीन के ख़िलाफ़ तफ़रीक़-ओ-तास्सुब , बाईकॉट और जिन्सी ज़ुल्म ओ सितम में भी इज़ाफ़ा हो रहा है।

उधर पिछले कुछ दहों से संघ परिवार अमरीका से मुंसलिक अपने निसबती इदारों से समाजी और मआशी तौर पर तआवुन लेता रहा है, ये सभी इदारे अमरीका में अपने आप को ग़ैर नफ़ा बख़्श इदारे बता कर टैक्स से रियायत पाते हैं। हिंदू स्वयं सेवक संघ (एच एस एस )। विश्व हिंदू परिषद आफ़ अमरीका (वी एचपी ए)। सेवा इंटरनैशनल यू एस ए , एकल विद्यालय फ़ाउंडेशन अमरीका में मुतहर्रिक संघ परिवार के निसबती इदारे हैं। आवर सीज़ फ्रेंड्स आफ़ बी जे पी यू एसए (ओएफ़ सी )नामी इदारा को टैक्स से रियायत नहीं है लेकिन वो काफ़ी सरगर्म और मुतहर्रिक है।

अमरीका में सरगर्म संघ परिवार के मुआविन इदारे हिंदू स्वयं सेवक संघ और विश्वहिंदू परिषद आफ़ अमरीका इदारे हालिया बरसों में आर एस एस के नज़रियात को फैलाने के लिए वक़तन फ़ वक़तन नौजवानों और ख़ानदानी सतह पर प्रोग्राम का इनइक़ाद करते हैं। हिंदू स्वयं सेवक संघ ने 2014में ऐलान किया था कि उस की अमरीका में140 ब्रांचे हैं, ये ऐलान उन्हों ने अपने तसदीक़ शूदा वेबसाइट पर 2014 में शाय किया था । हिंदू स्वयं सेवक संघ और वी एचपी आफ़ अमरीका ये दोनों इदारे 2002से 2012के दौरान 25लाख डालर से भी ज़ाइद रुपया नौजवानों और ख़ानदानी प्रोग्राम के लिए ख़र्च किए थे। इस तरह के प्रोग्रामों में ज़्यादा तर स‍ंघ परिवार लीडरों और ब्रहमन वाद की एहमीयत देने वाले और तारीख़ी-ओ-तहज़ीबी अफ़्क़ार पर मुश्तमिल अदब का इस्तिमाल किया जाता है, लेकिन समाजी सतह पर पसमांदा और ग़ैर हिंदू तबक़ात ने हिंदूस्तानी तहज़ीब के लिए जो क़ुर्बानियां दी हैं उस को नज़र अंदाज किया जाता है। अमरीका में सरगर्म संघ परिवार के मुआविन इदारे हिंदू स्टूडैंट्स कौंसल की ब्रांचे अमरीका और कैन्डा के 78 यूनीवर्सिटीयों और कॉलेज कैंपस में मुतहर्रिक हैं। जिन यूनीवर्सिटीयों में हिंदू स्टूडेंट्स कौंसल सरगर्म है इन में से चंद एक तालीमी इदारे ये हैं।

ड्यूक यूनीवर्सिटी , एमोरी यूनीवर्सिटी , जोन्स हॉप केन्स यूनीवर्सिटी, मैच्स्वेट्स इंस्टीटियूट आफ़ टैक्नोलोजी , मयाकगल यूनीवर्सिटी , न्यूयार्क यूनीवर्सिटी, मयाडसन की वसकोन यूनीवर्सिटी , असटयान फ़ोर्ड यूनीवर्सिटी, सैर एक्यूस यूनीवर्सिटी , बरकली , अर्वीन और स्यान ड्वेग की कैलीफोर्निया यूनीवर्सिटी के कैंपस , ऑस्टियन और हाओ स्टेन के टेक्सास यूनीवर्सिटी , कैनडा की विटावा यूनीवर्सिटी शामिल है।

संघ परिवार के पाँच मुआविन इदारे (भारत तिरती और राहत कारी फ़ंड , एकल विद्यालय फ़ाउंडेशन आफ़ अमरीका, परम शक्ति पीठ, शिवा इंटरनैशनल और विश्वहिंदू परिषद आफ़ अमरीका )अपने प्रोग्रामों के लिए 2001से 2012 तक क़रीब 5.50करोड़ डालर फ़ंड जमा कर चुके हैं।

लेकिन काबिल-ए-ग़ौर बात ये है कि जमा शूदा रक़म का ज़्यादा तर हिस्सा हिंदुस्तान के संघ परिवार इदारो को भेजा गया था। इस पस-ए-मंज़र को देखते हुए जे़ल में पेश कर्दा नकात के मुताल्लिक़ ख़ुसूसी जांच करने की ज़रूरत है।

1) संघ परिवार को अमरीका से मिलने वाली मआशी इमदाद के ज़राए क्या हैं इस ताल्लुक़ से जांच होनी चाहीए।
2) संघ परिवार के मुआविन इदारे अमरीका में किन मक़ासिद के तहत रक़म इस्तिमाल किए हैं उस की तसदीक़ होनी चाहीए ।
3) अमरीका में सरगर्म हिंदू क़ौमी इदारों की तरफ़ से भारत को भेजे गए फ़ंड को पाने वाले इदारों की सरगर्मीयों से होने वाले नताइज क्या हैं ।
4) हालिया दिनों में अमरीका के तालीमी इदारों में हिंदू क़ौमी इदारे काफ़ी ख़लल डालते रहे हैं, ख़ासकर तारीख़ के मुख़्तलिफ़ शोबा जात में , मज़हबी मुतालआत में , भारती मुतालआत (इंडोलोजी )वग़ैरा में अपने असरात डालते रहे हैं। अमरीका के हिंदू क़ौमी इदारे ख़ुद अमरीका में एक हिंदू यूनीवर्सिटी के क़ियाम का मंसूबा रखते हैं, इसके लिए उन्हों ने आलमी सतह पर वेद मुतालआत के नाम से एक मज़हबी इदारा और मआशी तआवुन इदारा क़ायम कर चुके हैं।

इंफिनीटी फ़ाउंडेशन , विवेक कल्याण और तालीमी इदारे जैसे मज़हबी इदारे अमरीका में सरगर्म हैं। इंफिनीटी फ़ाउंडेशन 2001से 2013तक मुहक़्क़िक़ों , तालीमी इदारों के लिए 1.9 मिलीयन डालर से ज़ाइद रक़म बतौर अतीया दे चुकी है। एसोसीएशन आफ़ एशीयन स्टडीज़, कैलीफोर्निया इंस्टीटियूट आफ़ इंटीगरल स्टडीज़ , कोलंबिया यूनीवर्सिटी , हॉवर्ड यूनीवर्सिटी में तरक़्क़ी याफ़ता तबक़ात का मुतालआती मर्कज़ , रोटगीर्स यूनीवर्सिटी , हवाई यूनीवर्सिटी , ऑस्टियन के टेक्सास कैंपस यूनीवर्सिटी में जदीद मुतालआती क़ौमी इदारों के इश्तिराक से मआशी अतीया फ़राहम किया गया है।

इंडो अमरीकन बिरादरी में संघ परिवार की लीडरशिप :

गुज़श्ता दो दहों में इंडो-अमरीकन बिरादरी की लीडरशिप संघ परिवार के मुआविन इदारों के ज़िम्मा रही है, इस के मुताल्लिक़ कुछ
अहम वाक़ियात यहां दर्ज किए जा रहे हैं।

1)मार्च 2002 में क़ायम करदा बी जे पी के ओवरसीज़ फ्रेंड्स (ओएफ़ बी जे पी )नामी इदारा 2002मार्च के इबतिदाई दिनों में अमरीका के कैपिटल हल में अमरीकन क़ानूनसाज़ असेम्ली मेम्बरान के लिए मुनाक़िदा इशाईया (रात के खाने का ) प्रोग्राम का मुआविन इश्तिराक था। इसी दौरान बी जे पी के इक्तेदार वाले गुजरात में भड़के नस्ल कुशी वाले फ़िर्कावाराना फ़सादाद में सैकड़ों मासूम मुसलमान क़त्ल किए गए थे।

2)अमरीका में सरगर्म वेद फ़ाउंडेशन और हिंदू स्वयं सेवक संघ की तालीमी ब्रांच हिंदू तालीमी फ़ाउंडेशन ने हिंदू क़ौमी असूलों को तर्जीह और एहमीयत देने वाली और क़दीम भारत में मौजूद जिन्सी और ज़ात पात बिरादरी के ज़ुल्म-ओ-सितम और इस्तिहसाल के अबवाब को ज़्यादा एहमीयत ना देने को पेशे नज़र रखते हुए कैलीफोर्निया यूनीवर्सिटी के निसाबी कुतुब में तरमीम की भी कोशिश की थी।

3)कैलीफोर्निया यूनीवर्सिटी के निसाबी कुतुब में हिंदुस्तानी तहज़ीब को बदनाम किए जाने का हंगामा खड़ा हुआ था तो इस के बाद अमरीकन सियासतदान हिंदू अमरीकन फ़ाउंडेशन को हिंदू क़ौमी मुफ़ादात के मुहाफ़िज़ समझ रहे हैं।

जांच होनी चाहीए :

1)जुनूबी एशीया में हुए फ़सादाद में मुलव्वस सिंह परिवार अमरीका में सरगर्म सिंह परिवार के मुआविन इदारों और मैंबरान के किरदार के मुताल्लिक़ जांच होनी चाहीए ।

2)हिंदू क़ौमी ग्रहों की तरफ़ से भड़काए फ़सादाद को तआवुन देने वाले अमरीका से मुंसलिक दीगर इदारों और अश्ख़ास के किरदार के मुताल्लिक़ भी जांच होनी चाहीए।

मगर सवाल ये है कि मुल्क के वज़ीर-ए-आज़म नरेंद्र मोदी जो ख़ुद संघ परिवार से ताल्लुक़ रखते हैं, अमरीका से मौसूल होने वाली ख़तीर रक़ूमात की जांच करेंगे ? (साहिल ऑनलाइन ख़ुसूसी रिपोर्ट)

बशुक्रिया: साहिल ऑनलाइन ख़ुसूसी रिपोर्ट

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