Friday , September 21 2018

संजय दत्त की जेल हुक्काम के रूबरू ख़ुदसुपुर्दगी

मुंबई

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बोलीवुड अदाकार संजय दत्त जो 14 दिन की पेरोल पर जेल से रिहा हुए थे, आज जेल हुक्काम के रूबरू ख़ुदसुपुर्दगी इख़तियार की क्योंकि पेरोल में तौसी से हुक्काम ने इनकार कर दिया था। महाराष्ट्र के महिकमा दाख़िला ने बताया कि हम ने पुलिस हुक्काम से संजय दत्त की पेरोल में तौसी के सिलसिले में रिपोर्ट तलब की है।

हम ये जानना चाहते हैं कि किन वजूहात की बुनियाद पर तौसी की ख़ाहिश की गई और क्या ये वजूहात फ़ी अलवा कई दुरुस्त हैं। 55 साला फ़िल्म अदाकार को 1993 मुंबई सिलसिला वार बम धमाकों के मुक़द्दमे में गै़रक़ानूनी तौर पर AK-56 राइफ़ल रखने और उसे तबाह करने का मुजरिम क़रार दिया गया है।

उन्हें 14 दिन के लिए पेरोल पर 24 दिसम्बर को पुणे की यरवदा जेल से रिहा किया गया था। संजय दत्त ने आज अपने घर से रवानगी के वक़्त मीडिया को बताया कि उन्होंने 27 दिसम्बर को पेरोल में तौसी की दरख़ास्त दी थी और ये दरख़ास्त हुनूज़ ज़ेर-ए-ग़ौर है चूँकि पेरोल में तौसी का फ़ैसला अभी नहीं हुआ।

इस लिए क़ानून के मुताबिक़ उन्हें ख़ुदसुपुर्दगी इख़तियार करनी ज़रूरी है। इस लिए वो रवाना होरहे हैं। संजय दत्त को इस से पहले अक्टूबर 2013 में सेहत की बुनियाद पर और इस के बाद दिसम्बर 2013 में अलील अहलिया मान्यता की इयादत के लिए पेरोल पर रिहा किया गया था लेकिन उस वक़्त तनाज़ा खड़ा होगया जब अख़बारात में मान्यता की तसावीर शाय हुई जिस में वो एक फ़िल्म देख रही थीं।

उस की वजह से फ़िल्म अदाकार के दावे के सिलसिले में सवालात उठाए गए। संजय दत्त उस वक़्त पाँच साल जेल की माबक़ी सज़ा पूरी कररहे हैं।

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