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संजय दत्त की माफी पर शोर क्यों: आरएसएस

नई दिल्ली, 31 मार्च: आरएसएस के तरजुमान ऑर्गनाइजर ने यह कहते हुए मालेगांव धमाके के मुल्ज़िम-प्रज्ञा ठाकुर, लेफ्टिनेंट श्रीकांत पुरोहित और स्वामी असीमानंद की जोरदार वकालत की कि जुर्म बगैर साबित हुए ही वे सलाखों के पीछे हैं जबकि अदाक

नई दिल्ली, 31 मार्च: आरएसएस के तरजुमान ऑर्गनाइजर ने यह कहते हुए मालेगांव धमाके के मुल्ज़िम-प्रज्ञा ठाकुर, लेफ्टिनेंट श्रीकांत पुरोहित और स्वामी असीमानंद की जोरदार वकालत की कि जुर्म बगैर साबित हुए ही वे सलाखों के पीछे हैं जबकि अदाकार संजय दत्त को माफी देने को लेकर हर तरफ शोर मचा हुआ है।

ऑर्गनाइजर ने कहा कि कांग्रेस लीडर दिग्विजय सिंह, अदाकारा से लीडर बनी जया बच्चन व जयाप्रदा, समाजवादी पार्टी के साबिक लीडर अमर सिंह और मगरिबी बंगाल की वज़ीर ए आला ममता बनर्जी कह रही हैं कि संजय को माफ कर दिया जाए।

इदारिया में दत्त के लब्ध नामी शख्सियतों का बेटा होने का जिक्र करते हुए कहा गया है, ”खानदान का अदलिया में कोई जगह नहीं है।” मैगजीन ने कहा कि जो लोग उनके लिए माफी की मांग कर रहे है, उनका अदाकार की सजा में मुदाखिलत करने का कोई मतलब नहीं है। दत्त और उनके हामियों पर वार करते हुए संघ के तरजुमान ने प्रज्ञा, पुरोहित और असीमानंद का जोरदार बचाव किया है।

इदारिया में कहा गया है, ”साध्वी प्रज्ञा ठाकुर पांच साल से जेल में हैं। उनके खिलाफ सिर्फ एक सबूत- जिसे अगर सबूत कहा जाए तो- है कि उन्होंने 15 साल पहले एक बाइक बेची थी और उसके कागजात बदलने की जहमत नहीं उठाई थी। यह बाइक विस्फोट में इस्तेमाल की गई।”

ऑर्गनाइजर ने कहा कि जहां इन सालों में संजय दत्त फिल्में बनाते रहे और अदाकार के तौर पर आम ज़िंदगी जीते रहे वहीं प्रज्ञा पांच सालों से पुलिस ज्यादती झेल रही हैं। इदारिया में कहा गया है, ”स्वामी असीमानंद अदालत में कह चुके हैं कि उनसे जबर्दस्ती इकबालिया बयान लिया गया ताकि उनके खिलाफ उसका इस्तेमाल किया जाए”

संघ के तरजुमान ने इस बात पर अफसोस जताया कि कोई भी नेता या नेक दिल इंसान उनके लिए इंसाफ और मुनसिफाना और फौरी सुनवाई की मांग के साथ आगे नहीं आया। आरएसएस ने हाल ही में मुशतबा हिज्बुल दहशतगर्द लियाकत शाह की गिरफ्तारी का भी जिक्र किया है और हैरत जताया कि किसी को उसकी इस बात में कैसे दम नजर आता है कि कि वह खुदसुपुर्दगी करना चाहता था।

ऑर्गनाइजर ने लिखा है, ”सियासत इस सतह तक गिर गई है। आम ज़िंदगी में रहने वाले इंसान भी मुखतलिफ खेमों में बंट गए हैं। कोई कैसे संजय दत्त कि ताइद की वजाहत कर सकता है जिनका अंडरवर्ल्ड और कौमी अनासिर से राब्ता साबित हो गया है।”

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