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संजय दत्त दहश्तगर्द नहीं: डग वजए सिंह

नई दिल्ली। 25मार्च (पी टी आई)। कांग्रेसी क़ाइद डिग विजय‌ सिंह ने आज अदाकार संजय दत्त की भरपुर मुदाफ़अत करते हुए कहा कि क़ानून असलाह के तहत 1993के मुंबई दहश्तगर्द हमले मुक़द्दमे में उन्हें सज़ा नहीं सुनाई जानी चाहीए थी, क्योंकी उन्होंने ये

नई दिल्ली। 25मार्च (पी टी आई)। कांग्रेसी क़ाइद डिग विजय‌ सिंह ने आज अदाकार संजय दत्त की भरपुर मुदाफ़अत करते हुए कहा कि क़ानून असलाह के तहत 1993के मुंबई दहश्तगर्द हमले मुक़द्दमे में उन्हें सज़ा नहीं सुनाई जानी चाहीए थी, क्योंकी उन्होंने ये जुर्म उस वक़्त किया था जबकि वो बहुत कमसिन थे।

कुल हिंद कांग्रेस के जनरल सेक्रेटरी ने एक प्रेस कान्फ़्रैंस से ख़िताब करते हुए कहा कि संजय दत्त कोई आदी मुजरिम नहीं है। वो दहश्तगर्द भी नहीं है। उस वक़्त का माहौल कुछ इस किस्म का था कि कोई भी कमउम्र नौजवान एसा ही करसकता था, जैसा कि संजय दत्त ने किया।

सुनील दत्त ने उन्हें फ़िर्क़ा परस्तों के ख़िलाफ़ आवाज़ बुलंद करने और अक़ल्लीयतों की ताईद करने की तरबियत दी थी। ग़ालिबन यही वजह है कि उन्हें निशाना बनाया गया। उन्होंने कहा कि उन्होंने एक ग़लती की थी और उनका शख़्सी तौर पर ये एहसास है कि उस की सज़ा भी वो भुगत चुके हैं।

डिग विजय‌ सिंह का ये तबसरा उस पस-ए-मंज़र में अहमियत रखता है कि कई सियासतदानों और फ़िल्मी शख्सियतों ने ख़ाहिश ज़ाहिर की है कि अदाकार को माफ़ करदिया जाये। आर एस एस के तर्जुमान पंच जन्य ने तन्क़ीद करते हुए कहा कि संजय दत्त को हल्की सज़ा दे कर छोड़ दिया जाना चाहीए था।

बी जे पी के सिनिय‌र क़ाइद गोपी नाथ मुंडे ने कहा कि वो संजय दत्त को माफ़ करने के हामी नहीं हैं। उन्होंने कहा कि तहत की अदालत ने उन्हें जो सज़ा दी थी, सुप्रीम कोर्ट ने उस की तौसीक़ करदी है और उनकी सज़ा में भी कमी करदी है। उसी सूरत में उन्हें माफ़ करने से एक ग़लत मिसाल क़ायम होगी, कियोंकि वो बम धमाकों के दौरान गैरकानूनी तौर पर असलाह क़बज़ा में रखने के मुजरिम साबित होचुके हैं।

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