Monday , December 11 2017

संजीव भट्ट ने फर्जी दस्तावेज तैयार किए: एसआईटी

अहमदाबाद, 6 सितंबर: गुजरात में 2002 में हुए दंगों की जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट की तरफ से बनाए गए खुसूसी जांच दल (एसआईटी) ने कहा है कि मुअत्तल आईपीएस आफीसर संजीव भट्ट ने गुजरात हुकूमत सरकार को बदनाम करने के लिए फर्जी दस्तावेज तैयार किए।

अहमदाबाद, 6 सितंबर: गुजरात में 2002 में हुए दंगों की जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट की तरफ से बनाए गए खुसूसी जांच दल (एसआईटी) ने कहा है कि मुअत्तल आईपीएस आफीसर संजीव भट्ट ने गुजरात हुकूमत सरकार को बदनाम करने के लिए फर्जी दस्तावेज तैयार किए।

एसआईटी के वकील आरएस जमुआर ने मेट्रोपॉलिटन मैजिस्ट्रेट बीजे गानात्र की अदालत में कहा, ‘संजीव भट्ट ने दावा किया है कि उन्होंने वज़ीर ए आला के दफ्तर को कई फैक्स भेजकर दंगे के इम्कान के बारे में बताया था, जबकि हमारी जांच में यह बात सामने आई कि उन पैगाम में बहुत सारे फर्जी थे। हमे पूरा यकीन है कि वज़ीर ए आला नरेंद्र मोदी और रियासती हुकूमत की मुखालिफत में करीब नौ साल बाद खुलकर सामने आए भट्ट का इरादा हुकुमत की शबिया ( Image) खराब करने के इलावा कुछ और नहीं है।’

उन्होंने कहा कि भट्ट की तरफ से एसआईटी को कुछ फैक्स के पैगाम सौंपे गए थे। इन पैगामो में उनके सीनियर आफीसर्स जीसी रैगर और ओपी माथुर के दस्तखत थे, लेकिन इन दोनों आफीसरो ने कहा है कि ये उनके दस्तखत नहीं हैं।

जमुआर दंगे में मारे गए साबिक कांग्रेस सांसद अहसान जाफरी की बेवा जकिया जाफरी की तरफ से उठाए गए मुद्दों का जवाब दे रहे थे। जकिया ने गोधरा कांड के बाद हुए दंगों के मामले में एसआईटी की तरफ से नरेंद्र मोदी और दूसरों को क्लीनचिट देने और जांच बंद करने को एक दरखास्त दायर करके चुनौती दी है। जकिया की सुप्रीम कोर्ट में दायर शिकायत में भट्ट को एक गवाह के तौर पर पेश किया है।

एसआईटी के वकील जमुआर ने कहा कि संजीव भट्ट काबिल एतेमाद गवाह नहीं हैं। उन्होंने भट्ट और एक दूसरे आईपीएस आफीसर राहुल शर्मा के बीच के ई-मेल को पेश किया। इनमें भट्ट ने रियासत के साबिक वज़ीर ए दाखिला हरेन पांड्या 27 फरवरी 2002 को कहां थे, इसकी इत्तेला मांगी थी। भट्ट का इल्ज़ाम है मोदी ने अपने सरकारी रिहायशगाह पर हुई मीटिंग में पुलिस आफीसरों को दंगाइयों के खिलाफ कार्रवाई नहीं करने का हुक्म दिया था। भट्ट ने यह भी दावा किया था वह और पांड्या भी इस बैठक में मौजूद थे।

जमुकार ने कोर्ट से कहा कि अगर वह उस बैठक में मौजूद थे तो फिर वह उस वक्त पांड्या कहां थे उसकी जानकारी दूसरे आईपीएस आफीसर से क्यों मांग रहे थे?

एसआईटी के वकील ने कहा कि हमें इस मीटिंग में भट्ट के मौजूद रहने के भी कोई सुबूत नहीं मिले हैं। वह मीटिंग में मौजूद रहने के अपने दावों और इल्ज़ामात को पुख्ता बनाने के लिए राहुल शर्मा से पंड्या की लोकेशन के बारे में जानकारी मांग रहे थे। राहुल शर्मा ने उन्हें बताया था कि गोधरा ट्रेन में आगजनी के बाद 27 फरवरी को देर शाम पंड्या की मोबाइल लोकेशन बताती है कि वह अहमदाबाद में ही थे।

इस मामले की सुनवाई आज भी जारी रहेगी।

TOPPOPULARRECENT