संयुक्त राष्ट्र संघ में इजरायल के खिलाफ़ अमेरिका का वीटो, क्या है संकेत?

संयुक्त राष्ट्र संघ में इजरायल के खिलाफ़ अमेरिका का वीटो, क्या है संकेत?

इस्राईल द्वारा संयुक्त राष्ट्र संघ के निरीक्षकों को पश्चिमी तट से बाहर निकालने के खिलाफ सुरक्षा परिषद में एक प्रस्ताव को मसौदे अमरीका ने वीटो कर दिया है।

संयुक्त राष्ट्र संघ की सुरक्षा परिषद, फिलिस्तीन के पश्चिमी तट के अलखलील नगर से संयुक्त राष्ट्र संघ के निरीक्षकों को बाहर निकालने के इस्राईल के गैर क़ानूनी क़दम के खिलाफ बयान जारी करने वाली थी किंतु अमरीका ने उसका विरोध कर दिया।

पार्स टुडे डॉट कॉम के अनुसार, इस्राईली प्रधानमंत्री नेतेन्याहू ने पिछले हफ्ते सोमवार को घोषणा की थी कि अलखलील में संयुक्त राष्ट्र संघ के निरीक्षकों के अभियान को अवधि बढ़ाई नहीं जाएगी।

संयुक्त राष्ट्र संघ के यह निरीक्षक, सन 1994 में अलखलील में अमरीकी मूल के चरमपंथी यहूदी ” बारुच गोल्डस्टेन” द्वारा ” मस्जिदे इब्राहीमी” में नमाज़ियों के जनसंहार के बाद से तैनात थे। इस जनसंहार के बाद फिलिस्तीनी प्रशासन और इस्राईल के मध्य इस संदर्भ में ” टीआईएफएफ” नामक समझौते पर हस्ताक्षर हुए थे।

22 वर्षों से इस निरीक्षक मंडल की अध्यक्षता कर रहे नार्वे ने कहा कि इस्राईल के इस क़दम का मतलब , ओस्लो समझौते के बड़े भाग के पालन पर रोक है।

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