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सऊदया के प्रिंस नाइफ़ का इंतिक़ाल

* आज नमाज़ जनाज़ा और तदफ़ीन, प्रिंस सलमान जांनशीन के लिए दावेदार

* आज नमाज़ जनाज़ा और तदफ़ीन, प्रिंस सलमान जांनशीन के लिए दावेदार
रियाज़ सऊदी वलीअहद शहज़ादा नाइफ़ बिन अबदुलअज़ीज़ का इंतिक़ाल होगया। अरब टी वी के मुताबिक़ नाइफ़ बिन अबदुलअज़ीज़ सऊदी अरब के वज़ीर-ए-दाख़िला भी थे, और उन की उम्र 78 साल थी।उन का मई से जिनेवा में इलाज चल रहा था।

वलीअहद नाइफ़ ने लम्बी मुद्दत‌ तक वज़ीर-ए-दाख़िला कि हैसीयत से ख़िदमात अंजाम दीं और उन के इंतिक़ाल से तेल की पैदावार के हामिल सब से बड़े मुल्क में खला पैदा होगया है। इन की नमाज़ जनाज़ा कल मक्का मुकर्रमा में सुरज डुबने के बाद‌ अदा की जाएगी।

79 साला प्रिंस नाइफ़ को आठ माह पहले ही वलीअहद सुलतान मरहूम का जांनशीन तय‌ किया गया था। शाह अबदुल्लाह 88 साल की बिमारी और प्रिंस नाइफ़ के इंतिक़ाल के बाद फ़िलहाल कोई जांनशीन नहीं है और प्रिंस सलमान 76 साल अहम दावेदार के तौर पर उभरे हैं।

उन्हों ने प्रिंस सुलतान के इंतिक़ाल के बाद वज़ारत-ए-दिफ़ा का क़लमदान सँभाला था। प्रिंस नाइफ़ ने सऊदी अरब में अलक़ायदा के ख़िलाफ़ सख़्त मुहिम चलाई थी। शहज़ादा नाइफ़ को तीन दिन पहले अपने हामीयों की तरफ‌ से नेक तमनाओं को क़बूल करते हुए टी वी पर दिखाया गया था।

सऊदी शाही ख़ानदान के उमूर पर नज़र रखने वालों के मुताबिक़ शहज़ादा नाइफ़ का अप्रैल में कैंसर कि बिमारी का ईलाज करवाया गया था। इन के भाई सुलतान की इंतिक़ाल के बाद पिछ्ले साल अक्तूबर में उन्हें वलीअहद शहज़ादा तय‌ किया गया था। शहज़ादा नाइफ़ के सऊदी अरब के मज़हबी ग्रुपस से मज़बूत ताल्लुक़ात थे।

समझा जाता है कि वो सऊदी अरब में इस्लाहात लाने के शदीद मुख़ालिफ़ थे। ईरान के मुताल्लिक़ भी उन की पोलिसी सख़्त तरीन बताई गई है। सिफ़ारत कारों का कहना है कि ट्युनिस मैं जैन आबदीन बिन अली की बेदखली में सऊदी अरब के फ़ैसले में उन्हों ने अहम रोल अदा किया था। इस के इलावा बहरैन में भी फ़ौज की रवानगी के फ़ैसले में भी उन्हों ने अहम‌ किरदार अदा किया था।

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