सऊदी अरब अब इजरायल को दोस्त मानने लगे हैं, दुश्मन कहने से इंकार?

सऊदी अरब अब इजरायल को दोस्त मानने लगे हैं, दुश्मन कहने से इंकार?
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अरब देशों में इजराइल को देश के रूप में नहीं पहचाना जाता है ,क्योंकि फिलिस्तीन एक अरब देश है और इजराइल ने पिछले कई सालों से फिलिस्तीन पर कब्जा किया हुआ है, जिसके बाद से सारे अरब देश इजराइल को अपना शत्रु मानते हैं, लेकिन पिछले कुछ समय से सऊदी अरब और इजराइल के नेताओं द्वारा हो रही बयान बाजी से ऐसा प्रतीत हो रहा है जैसे दोनों देशों में गुप चुप तरीके से बातचीत हो।

मिडिल ईस्ट मॉनिटर की खबरों के अनुसार मिस्र में तेल अवीव के राजदूत डेविड गोव्रिन ने कहा है की सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान इस क्षेत्र में नई वास्तविकता बनाने की योजना में इजरायल के साथी बन गए हैं।

वर्ल्ड न्यूज अरेबिया को मिली खबरों के अनुसार इसरायली दूत ने मिस्र की राजधानी काहिरा में कहा की अरब देश इज़राइल के इलाज में बदलाव पर ध्यान दे रहे हैं, इजराइल को अब दुश्मन नहीं माना जाता है, बल्कि क्षेत्र में नई और बेहतर सच्चाई को आकार देने में अरब एक भागीदार है। यह सच्चाई स्थिरता और आर्थिक विकास पर आधारित है।

मिडिल ईस्ट मॉनिटर की खबरों के अनुसार उन्होंने कहा की मिस्र और इज़राइल द्वारा साझा किये गए स्थिरता और आर्थिक विकास के विज़न में सऊदी क्राउन प्रिंस के शामिल होने से एक महत्वपूर्ण आधार बन गयी है।

उन्होंने कहा की हमें ईरानी-प्रेरित देशों और आतंकवादी समूहों से लड़ने के लिए आम हितों को आगे बढ़ाने के लिए अतिरिक्त साझेदारों को इस साझेदारी में विस्तारित करना होगा।

उन्होंने कहा की क्षेत्र का केवल एक संघर्ष परमाणु हथियारों के लिए ईरान के प्रयासों का सामना कर सकता है और इराक, सीरिया और लेबनान में आतंकवादी संगठनों के निरंतर समर्थन को कमजोर कर सकता है।

साभार- ‘World News Arabia’

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