Friday , June 22 2018

सऊदी अरब और ईरान में जुबानी जंग की सच्चाई

ईरान और सऊदी में भारी तनाव के पीछे शिया और सुन्नी प्रभुत्व है। सऊदी अरब की 90 फीसदी आबादी सुन्नी है जबकि ईरान की 95 पर्सेंट आबादी शिया है। शिया और सुन्नियों के बीच मतभेद का पुराना इतिहास है। दोनों के बीच सातवीं सदी से ही टकराव की स्थिति रही है। हाजियों को लेकर उठे विवाद पर शेख अब्दुल-अजीज ने कहा, ‘हमें समझना होगा कि ईरानी लोग मुस्लिम नहीं हैं। ये मूलतः पारसी थे जिनकी मुसलमानों से शत्रुता रही है। खासकर इनकी सुन्नियों से दुश्मनी रही है।’ अयातुल्ला ने यह भी आरोप लगाया था कि पिछले साल हज यात्रा में भगदड़ के दौरान जो लोग मारे गए थे उनकी हत्या की गई थी।
9k=(1)
हाल ही में सऊदी अरब ने शिया गुरु निम्र बक्र अल-निम्र को फांसी पर लटका दिया था। ईरान में इसकी कड़ी प्रतिक्रिया देखने को मिली थी। ईरान स्थित सऊदी अरब के दूतावास को आग के हवाले कर दिया गया था। दुनिया भर के इस्लामिक देशों में शियाओं और सुन्नियों के बीच नफरत खत्म नहीं हो रही है। हाल के वर्षों में शिया और सुन्नियों के बीच खूनी संघर्ष बढ़े हैं। इसे सीरिया, इराक और यमन में साफ तौर पर देखा जा सकता है। इस मामले में सांप्रदायिक टकराव को लेकर करीब 14 देश आपस में जूझ रहे हैं।

TOPPOPULARRECENT