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सऊदी अरब में भीक मांगने वाले बच्चों की चांदी

जद्दा। 22 जनवरी (एजैंसीज़) ऐसे बच्चे जिन्हें पड़ोसी रियास्तों से यहां स्मगल किया गया है, उन के लिए शर में भी ख़ैर का पहलू निकल आया है क्योंकि इन बच्चों को यहां भीक मांगने पर अच्छी ख़ासी रक़म हासिल होरही है और अब वो सऊदी अरब छोड़ने के

जद्दा। 22 जनवरी (एजैंसीज़) ऐसे बच्चे जिन्हें पड़ोसी रियास्तों से यहां स्मगल किया गया है, उन के लिए शर में भी ख़ैर का पहलू निकल आया है क्योंकि इन बच्चों को यहां भीक मांगने पर अच्छी ख़ासी रक़म हासिल होरही है और अब वो सऊदी अरब छोड़ने के लिए तैय्यार नहीं। मुक़ामी अख़बार अल-अक़सा ने अपनी तहक़ीक़ाती रिपोर्ट में ये इन्किशाफ़ किया।

ऐसे बेशतर बच्चे जिन्हें मुख़ालिफ़ भीक स्कियोरटी फोर्सेस ने अपनी तहवील में लेकर मुख़्तलिफ़ शीटलर होम्स में रखा था ताकि उन्हें उन के मुताल्लिक़ा वतन वापिस भेज दिया जाय लेकिन बच्चों का ये कहना है कि वो दुबारा सऊदी अरब आयेंगे। इस मौक़ा पर 15 साला बच्चे फ़तह क़ाइद ने बताया कि ममलकत में इस के साथ उस की वालिदा भी थीं और दोनों मिल कर अच्छी ख़ासी रक़म कमा रहे थे।

इस ने बताया कि उसे इस के छोटे भाई 10 साला आसाम के साथ यमन से यहां स्मगल किया गया। स्मगलरस जो तरीक़ा इस्तिमाल करते हैं, वो इंतिहाई ख़तरनाक होता है। सऊदी अरब बॉर्डर गार्ड्स के हाथों वो हलाक होते होते बचे क्योंकि गार्ड्स ने उन की कार का तआक़ुब शुरू करदिया था। किसी तरह बच निकलने में कामयाब होने के बाद उन्हें एक मकान में ठहराया गया और भीक मांगने की तर्बीयत दी गई।

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