Friday , September 21 2018

सऊदी अरब सरकारी टीवी चैनल ‘अल अरेबिया’ पर लगा इजरायल का समर्थन करने का आरोप, फलस्‍तीनीयों ने किया विरोध!

तसनीम समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार फ़िलिस्तीन के सभी मीडिया हलक़ों ने सऊदी अरब के सरकारी न्यूज़ चैनल ‘अल-अरेबिया’ को ‘इस्राईल समर्थक रिपोर्टों और समाचारों’ के कारण इस चैनल की कड़ी आलोचना करते हुए उसको इस्राईल का प्रवक्ता बताया है।

फ़िलीस्तीनी नेशनल प्रेस क्लब द्वारा जारी एक बयान में कहा गया है कि, ‘अल-अरेबिया’ चैनल अत्याचारग्रस्त फ़िलिस्तीनी राष्ट्र की आवाज़ बनने और फ़िलिस्तीनियों के अधिकारों की बात करने के बजाए ज़ायोनी शासन की प्रशंसा और इस अवैध शासन की स्थापना के समर्थन में प्रचार और प्रसारण कर रहा है।

बयान में, ‘अल अरेबिया’ चैनल पर प्रकाशित एक डाक्यूमेंट्री फिल्म पर आपत्ति जताते हुए कहा गया है कि, प्रकाशित फ़िल्म में यह दिखाने का प्रयास किया गया है कि जैसे इस्राईल, फ़िलिस्तीनी जनता पर कोई अत्याचार ही नहीं करता है।

दूसरी ओर फिल्म में ऐसी तमाम चीज़े हैं जिनसे यह सिद्ध करने की कोशिश की गई है कि जैसे फ़िलिस्तीनी राष्ट्र अतिग्रणकारी है, जिसने ज़ायोनियों से उनकी ज़मीन छीनकर फ़िलिस्तीनियों को बसाने का प्रयास किया है।

“ख़ैबर” नामक वेबसाइट के मुताबिक़, फ़िलिस्तीनी प्रेस क्लब का कहना है कि जिस ‘अल-अरबिया’ न्यूज़ चैनल को अरब और पूरे इस्लामी जगत के सबसे महत्वपूर्ण मुद्दे के समर्थन और उसके अधिकारों की बात करनी चाहिए वह अवैध ज़ायोनी शासन के ग़ैर क़ानूनी अधिकारों की बात कर रहा है।

फ़िलिस्तीनी प्रेस कल्ब के अनुसार, हमारी भूमि, पवित्र स्थलों और हमारे वतन के लिए जो दृष्टिकोण ज़ायोनी शासन ने अपना रखा है, आज सऊदी अरब का सरकारी चैनल ‘अल-अरबिया’ इस्लामी जगत के संयुक्त मुख्य मुद्दे से स्वयं को अलग करते हुए, इस्राईल के फ़िलिस्तीन विरोधी दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने का काम कर रहा है।

उल्लेखनीय है कि, ‘अल-अरबिया’ चैनल पर प्रकाशित होने वाली डाक्यूमेंट्री फ़िल्म “नुक्बतुल यहूद” पर अरब देशों, विशेषकर फ़िलिस्तीनियों की ओर से गंभीर प्रतिक्रियाएं व्यक्त की गई हैं।

इस डाक्यूमेंट्री फिल्म के माध्यम से यह साबित करने की कोशिश की गई है कि यहूदियों को नरसंहार का सामना करना पड़ रहा था, जिसके कारण उन्हें फ़िलिस्तीन में मातृभूमि स्थापित करने के लिए मार्ग प्रशस्त करना पड़ रहा है।

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