Friday , December 15 2017

सचिन की नामज़दगी गेराईनी, एक दावा

सचिन तनडोलकर की राज्य सभा केलिए नामज़दगी ग़ैर आईनी है। ये दावा समाजी कारकुन और अलफ़लाह ट्रस्ट के चेयरमैन अशर्फ़ अलहदा ने आज अपने एक ब्यान में किया।

सचिन तनडोलकर की राज्य सभा केलिए नामज़दगी ग़ैर आईनी है। ये दावा समाजी कारकुन और अलफ़लाह ट्रस्ट के चेयरमैन अशर्फ़ अलहदा ने आज अपने एक ब्यान में किया।

उन्हों ने आर टी आई के तहत वज़ारत-ए-दाख़िला से ये मालूम किया था कि दस्तूर हिंद की किस दफ़ा के तहत सदर जमहूरीया ने सचिन को राज्य सभा केलिए नामज़द किया है।

उन्हों ने कहा कि दस्तूर के मुताबिक़ अदब, साईंस, आर्ट और समाजी ख़िदमात के शोबों में मुमताज़ मुक़ाम रखने वाले लोगों को ही सदर राज्य सभा केलिए नामज़द करसकते हैं।

अशर्फ़ अलहदा ने सवाल किया था कि सचिन इन में से किस शोबे की नुमाइंदगी करते हैं। वज़ारत ने अपने जवाब में कहा है कि सचिन की नामज़दगी मारूफ़ स्पोर्टस परसन की हैसियत से आर्ट के शोबे में की गई ।

उन्हों ने कहा कि सचिन को आर्ट के शोबे में कैसे नामज़द करदिया गया जबकि वो महिज़ एक मशहूर खिलाड़ी हैं। उन्हों ने कहा कि सचिन बिलाशुबा मारूफ़ खिलाड़ी हैं लेकिन दस्तूर की ख़िलाफ़वरज़ी की गुंजाइश नहीं।

अगर सचिन की नामज़दगी वाक़ई ज़रूरी थी तो पहले दस्तूर की दफ़ा 80 में तरमीम करना चाहीए था।

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