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सज़ा कि ख़ेलाफ़ वरज़ी अल्लाह तआला की हुक्म अदूली

माले। 4 दिसमबर (एजैंसीज़) हुकूमत मालदीप ने अक़वाम-ए-मुत्तहिदा की इस हिदायत को मुस्तर्द करदिया है जहां ख़वातीन के दीगर मर्दों के साथ ताल्लुक़ात पाए जाने पर उन्हें कोड़ों की सज़ा दिए जाने के मुआमले पर मुबाहिसा की अपील की गई थी। दरी

माले। 4 दिसमबर (एजैंसीज़) हुकूमत मालदीप ने अक़वाम-ए-मुत्तहिदा की इस हिदायत को मुस्तर्द करदिया है जहां ख़वातीन के दीगर मर्दों के साथ ताल्लुक़ात पाए जाने पर उन्हें कोड़ों की सज़ा दिए जाने के मुआमले पर मुबाहिसा की अपील की गई थी। दरीं असना मालदीप के वज़ीर-ए-ख़ारजा अहमद नसीम ने हवीरो नामी अख़बार से बात करते हुए कहा कि कोड़े की सज़ा दिए जाने पर भला मुबाहिसा की क्या ज़रूरत है। ये मुआमला ख़ालिस इस्लामी है और अल्लाह तआला का हुक्म है लिहाज़ा इस पर मुबाहिसा करना अल्लाह तआला के हुक्म की नाफ़रमानी के मुतरादिफ़ है।

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