सत्य मेव इज्जतते का ताज़ा तरीन मौज़ू बच्चों का जिन्सी इस्तिहसाल

सत्य मेव इज्जतते का ताज़ा तरीन मौज़ू बच्चों का जिन्सी इस्तिहसाल
कोई बच्चा किस से मदद तलब कर सकता है अगर इस का बाएतिमाद शख़्स इस के नन्हे मुन्हे दिल को दुखाता हो, आमिर ख़ान के टी वी शो सत्य मेवा जीए की दूसरी क़िस्त दिलसोज़ है।

कोई बच्चा किस से मदद तलब कर सकता है अगर इस का बाएतिमाद शख़्स इस के नन्हे मुन्हे दिल को दुखाता हो, आमिर ख़ान के टी वी शो सत्य मेवा जीए की दूसरी क़िस्त दिलसोज़ है।

इस में एक आम लेकिन समाज की एसी लानत जिस के बारे में बहुत कम बातचीत की जाती है, उजागर किया गया है। ये मसला बच्चों
के जिन्सी इस्तिहसाल का है जो अक्सर उन के इंतिहाई काबिल-ए-भरोसा अफ़राद करते हैं।

आमिर ख़ान ने कई मुतास्सिरा बच्चों, उन के अरकान ख़ानदान,माहिरीन और समाजी कारकुनों से बातचीत की जो उन के शो में शिरकत के लिए आए हुए थे। इन मुतास्सिरा बच्चों ने उन के इस्तिहसाल, उन से बदसुलूकी और उन से ग़ैर फ़ित्री जिन्सी ताल्लुक़ की होलनाक कहानियां सुनाईं जिस से पूरे शुरका पर सकता तारी होगया।

इस मसला की संगीन नौईयत के पेशे नज़र शो का लब-ओ-लहजा भी जज़बाती होजाना चाहीए लेकिन हैरतअंगेज़ तौर पर ये एसा नहीं
था। कई मुतास्सिरा बच्चों ने कैमरे का जुर्रत मंदी से सामना किया बल्कि शो के मेज़बान के साथ हंसी मज़ाक़ भी किया। अनामीका की दिलसोज़ कहानी जिस का इस के टीचर ने जिन्सी इस्तिहसाल किया था, वालदैन की जानिब से बच्चों की बात सुनने और उन पर भरोसा करने की एहमीयत ज़ाहिर करती है।

आमिर ख़ान ने 2007 -ए-में वज़ारत बहबूदी-ए-ख़वातीन‍ ओ‍ अतफ़ाल और उन जी ओ प्रायास की जानिब से मुनाक़िदा सर्वे के इक़तिबासात ब्यान किए। ये सर्वे 12,447 बच्चों से 2007 में किया गया था। जिस से यूनीसैफ़ ने तआवुन किया था और ये 13
रियास्तों का अहाता करता था।

आंधरा प्रदेश, बिहार, आसाम और दिल्ली से एसे वाक़ियात की सब से ज़्यादा इत्तिला मिली। आधे से ज़्यादा वाक़ियात में
बच्चे उन अफ़राद पर भरोसा करते थे जिन्हों ने इन का इस्तिहसाल किया।

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