Tuesday , June 19 2018

सदारती उम्मीदवार: परनब मुकर्जी और हामिद अंसारी के नाम ज़ेर-ए-ग़ौर

सदारती उम्मीदवार के लिए दौड़ आज उस वक़्त शिद्दत इख्तेयार कर गई जब यू पी ए में शामिल कलीदी हलीफ़ तृणमूल कांग्रेस ने कांग्रेस के साथ तबादला-ए-ख़्याल किया और ये इशारे मिल रहे हैं कि हामिद अंसारी या परनब मुकर्जी को सदारती उम्मीदवार बनाए

सदारती उम्मीदवार के लिए दौड़ आज उस वक़्त शिद्दत इख्तेयार कर गई जब यू पी ए में शामिल कलीदी हलीफ़ तृणमूल कांग्रेस ने कांग्रेस के साथ तबादला-ए-ख़्याल किया और ये इशारे मिल रहे हैं कि हामिद अंसारी या परनब मुकर्जी को सदारती उम्मीदवार बनाए जाने पर दीगर पार्टीयों की तरह तृणमूल के लिए भी कोई मसला दरपेश नहीं है।

बी जे पी ने परनब मुकर्जी और हामिद अंसारी की मुख़ालिफ़त करते हुए मुक़ाबला का इशारा दिया है लेकिन ऐसा लगता है कि दीगर सयासी जमातों को इस में कोई दिलचस्पी नहीं है। बाएं बाज़ू जमातों और जनतादल (यू) जो एन डी ए की हलीफ़ है, ने वाज़िह किया है कि इन उम्मीदवारों के ताल्लुक़ से इत्तेफ़ाक़ राय पाए जाने पर उन्हें कोई एतराज़ नहीं है।

सदर कांग्रेस सोनीया गांधी ने आज पार्लीमेंट हाउस में वज़ीर-ए-आज़म मनमोहन सिंह से इस मसला पर तबादला-ए-ख़्याल किया। बादअज़ां परनब मुकर्जी भी बातचीत में शामिल हो गए थे। सदारती उम्मीदवार के नामों पर पाई जाने वाली उलझन पर पूछे जाने पर सोनीया गांधी ने अख़बारी नुमाइंदों से कहा कि ऐसा कोई उलझन नहीं है। सब्र व तहमल से काम लीजिए क्योंकि हमारे पास काफ़ी वक़्त है।

सोनीया गांधी ने तृणमूल कांग्रेस सरबराह ममता बनर्जी से भी मुलाक़ात करते हुए इस मसला पर तबादला-ए-ख़्याल किया। आज उस वक़्त ड्रामाई हालात देखने में आए जब कांग्रेस तर्जुमान रेनूका चौधरी ने ये कहा कि परनब मुकर्जी पार्टी केलिए काबिल-ए-क़दर हैं और सदारती ओहदा के लिए उनहें नामज़द करना शायद पार्टी और हुकूमत दोनों के लिए मुश्किल है।

इसके साथ ही ममता बनर्जी ने रिमार्क किया कि कांग्रेस ने ये ऐलान कर दिया है कि परनब मुकर्जी सदारती उम्मीदवार नहीं हैं। बादअज़ां कांग्रेस ने वज़ाहत की कि ताहाल किसी भी नाम को क़तईयत नहीं दी गई है और परनब मुकर्जी इस दौड़ में शामिल ना होने का इमकान भी मुस्तर्द कर दिया।

समाजवादी पार्टी सरबराह मुलायम सिंह यादव से भी ममता बनर्जी ने मुलाक़ात की। जिन्होंने अपनी ख़ामोशी को तोड़ते हुए कहा कि सदारती उम्मीदवार सयासी शख़्सियत होनी चाहीए। ममता बनर्जी ने सोनीया गांधी के साथ हुई बातचीत की तफ्सीलात बताने से इनकार किया।

ताहम मीडीया से वो यही कहती रहीं कि सदारती उम्मीदवार के लिए वो इत्तेफ़ाक़ राय को तर्जीह देंगी और उम्मीदवार को मुंतखिब करने का फ़ैसला कांग्रेस को करना चाहीए। उन्होंने पार्लीमेंट के सेंटर्ल हाल में अख़बारी नुमाइंदों से बातचीत करते हुए कहा कि अगर इत्तेफ़ाक़ राय ना हो तो यक़ीनन मुक़ाबला होगा।

उन्होंने सदारती उम्मीदवार के लिए तरजीही नाम के बारे में बार बार सवालात का कोई जवाब नहीं दिया और सिर्फ इतना कहा कि तमाम राहें खुली हैं। जब उन से पूछा गया कि तृणमूल कांग्रेस परनब मुकर्जी की ताईद करेगी क्योंकि वो मग़रिबी बंगाल की नुमाइंदगी करते हैं, उन्होंने कहा कि पहले फ़ैसला कांग्रेस को करना चाहीए। आख़िर वो कांग्रेस लीडर हैं। वो दूसरी पार्टी के दाख़िला मुआमलात में मुदाख़िलत नहीं कर सकतीं।

ममता बनर्जी ने कहा कि जमहूरी ढांचा में इत्तेफ़ाक़ राय एहमीयत रखता है और वो इत्तेफ़ाक़ राय को तर्जीह देंगी। तृणमूल कांग्रेस ज़राए ने बताया कि किसी एक उम्मीदवार के ताल्लुक़ से वसीअ तर इत्तेफ़ाक़ राय की सूरत में ममता बनर्जी इम्कान है कि यू पी ए उम्मीदवार की ही ताईद करेंगी।

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