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सद्दाम हुसैन के हमशक्ल को अग़वा करने की कोशिश

क़ाहिरा, १५ सितंबर (एजैंसीज़) सद्दाम हुसैन के एक मिस्री हमशक्ल का दावा है कि किसी इराक़ी गैंग ने इस का अग़वा करके उसे मरहूम डिक्टेटर की शक्ल इख़तियार करते हुए एक फ़हश फ़िल्म बनाने पर मजबूर करने की कोशिश की। सिकंदरीया से ताल्लुक़ रखने वा

क़ाहिरा, १५ सितंबर (एजैंसीज़) सद्दाम हुसैन के एक मिस्री हमशक्ल का दावा है कि किसी इराक़ी गैंग ने इस का अग़वा करके उसे मरहूम डिक्टेटर की शक्ल इख़तियार करते हुए एक फ़हश फ़िल्म बनाने पर मजबूर करने की कोशिश की। सिकंदरीया से ताल्लुक़ रखने वाले मुहम्मद बशर ने कहा कि इस ग्रुप के इरादे हैं कि साबिक़ लीडर के ख़ुसूसी हैजानअंगेज़ फूटेज दिखाते हुए अपने वीडीयो फ़रोख्त किए जाएं।

हमशकल का दावा है कि गैंग ने उन्हें शदीद मार पीट की जब उन्होंने 333,000 डालर की पेशकश के बावजूद उन के मंसूबे के मुताबिक़ अमल से इनकार कर दिया। पाबंद सोम-ओ-सलात मुस्लिम मुहम्मद बशर का कहना है कि गैंग ने धमकी आमेज़ फ़ोन काल्स करते हुए कहा कि वो अपना ज़हन ना बदलें तो उन्हें अग़वा कर लिया जाएगा।

गुज़शता हफ़्ते के अवाख़िर उन्हें सिकंदरीया में स्याह सूट्स में मलबूस (धारण/पहने हुए) तीन अश्ख़ास ने एक वैन ( Van) के ज़रीया अग़वा करने की कोशिश की लेकिन शदीद मार पीट के बाद उन्हें गाड़ी से बाहर फेंक कर फ़रार हो गए। इन की फेमिली ने कहा कि हमलावरों का लहजा इराक़ी या शामी था।

ये मिस्री शख़्स की सद्दाम से इस क़दर मुशाबहत (हमशक्ली, एक जैसे) है कि माज़ी में मिस्र में मुक़ीम इराक़ीयों ने उन्हें हक़ीक़ी सद्दाम समझ कर ज़द् द‍ओ‍ कूब किया ( मारा पीटा) था और वो उन्हें हुक्काम के हवाले करके इनाम हासिल करना चाहते थे। मुहम्मद बशर के फ़रज़न्दों ने कहा कि इन के वालिद इस तरह के हमलों से बचने की कोशिश में चार बार नक़ल मुक़ाम करचुके हैं।

साबिक़ इराक़ी लीडर जिन्हें दिसम्बर 2006 में फांसी दी गई, वो अपने क़ाफ़िले में हमशक्ल शामिल रखने के बारे में जाने जाते थे ताकि क़ातिलाना हमलों को नाकाम बनाने में मदद मिले।

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