Wednesday , December 13 2017

सद्दाम हुसैन फांसी के वक़्त भी सख़्त जान नज़र आए

मुवाफ़िक़ अलरबाई अपने दफ़्तर की नशिस्त पर बैठे हैं जबकि उन के अक़्ब में सद्दाम हुसैन का मुजस्समा, माज़ूल डिक्टेटर को फांसी पर लटकाने के लिए रस्सा मौजूद है और वो साबिक़ हुक्मरान के आख़िरी लमहात की याद ताज़ा कर रहे हैं।

मुवाफ़िक़ अलरबाई अपने दफ़्तर की नशिस्त पर बैठे हैं जबकि उन के अक़्ब में सद्दाम हुसैन का मुजस्समा, माज़ूल डिक्टेटर को फांसी पर लटकाने के लिए रस्सा मौजूद है और वो साबिक़ हुक्मरान के आख़िरी लमहात की याद ताज़ा कर रहे हैं।

साबिक़ क़ौमी सलामती मुशीर जिन्हों ने सद्दाम की 2006 में फांसी की निगरानी की, उन का कहना है कि सद्दाम आख़िर तक बदस्तूर सख़्त जान रहे, और कभी किसी तास्सुफ़ का इज़हार नहीं किया।

TOPPOPULARRECENT