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सबकदोशी का इरादा नहीं , चम्पियंस ट्रॉफ़ी पर तवज्जो मर्कूज़: मिसबाह

कराची 4 अप्रैल : आइन्दा माह 39 वीं सालगिरह‌ मनाने वाले पाकिस्तान क्रिकेट टीम के कप्तान मिसबाह-उल-हक़ ने फ़ौरी तौर पर बैन-उल-अक़वामी क्रिकेट से सबकदोशी के इमकान को रद्द कर दिया है । इनका कहना है कि वक़्त नहीं गुज़ार रहा हूँ,संजीदा क्रिकेट खेल रहा हूँ । उन्होंने एक इंटरव्यू में कहा कि क्रिकेट से मुझे जुनून की हद तक लगाव‌ है ।

जब तक सेहत मंद ,फिट हूँ और कारकर्दगी दिखा रहा हूँ, पाकिस्तान के लिए खेलता रहूँगा । फ़िलहाल क्रिकेट को ख़ैरबाद कहने की कोई डेडलाइन मुक़र्रर नहीं की है । मिसबाह-उल-हक़ ने कहा है कि किसी इंसान के हाथ में कुछ नहीं है । इज़्ज़त और ज़िल्लत अल्लाह के हाथ में है ।

इस लिए नाक़िदीन को सोच समझ कर तन्क़ीद(आलोचना) करनी चाहिए । उन्हें सोच कर बोलना चाहिए कि किसके बारे में क्या कह रहे हैं । इंसान कुछ भी कह ले, फ़ैसले करनेवाली अल्लाह ताला की ज़ात है । टीम की ज़रूरत के मुताबिक़ खेलता रहा । ये ज़रूरत मेरी कमज़ोरी नहीं थी ।

मिसबाह-उल-हक़ का अंदाज़ उनकी बैटिंग की तरह जारिहाना था । खिलाड़ियों पर अच्छा बुरा वक़्त ज़रूर आता है । खिलाड़ी के बारे में कोई नुक्ता निकालने के बजाय उसकी सलाहियत पर बात करनी चाहिए। में टी 20 छोड़ने का पक्का इरादा करचुका हूँ । इस वक़्त मेरी टेस्ट और वन्डे क्रिकेट पर तवज्जो मर्कूज़ है ।

पाकिस्तानी कप्तान ने कहा कि फैसलआबाद मेरी पहचान है । अपने शहर के अलावा डोमेस्टिक टी 20 लीग खेलता रहूँगा । कोशिश है कि डोमेस्टिक क्रिकेट खेलुं या बैन-उल-अक़वामी क्रिकेट अपनी साख की बहाली और वक़ार के लिए खेलूँगा । में वक़्त गुज़ारने के बजाय अपनी कारकर्दगी को दिखाने के लिए संजीदा खेल रहा हूँ ।

किसी भी सतह पर खेलूँ, अपनी अहलीयत मनवाना चाहता हूँ । उन्होंने कहा कि लोग जारिहाना क्रिकेट पसंद करते हैं लेकिन मुश्किल बौलिंग और बड़ी क्रिकेट के लिए जारिहाना क्रिकेट के अलावा शॉट्स और मज़बूत दिफ़ा भी ज़रूरी है । नौजवानों के लिए हाशिम आमला और ए बी डी वेलीइरज़ रोल मॉडल होने चाहिए ।

मिसबाह-उल-हक़ ने कहा कि अगर आप ने जनूबी अफ़्रीक़ा की आख़िरी सीरीज़ देखी हो तो मैंने इस में अपनी बैटिंग का अंदाज़ और कप्तानी की तर्ज़ रसाई को तबदील कर दिया है । अब में इसी तरह अपना फ़ित्री खेल खेलूँगा । मुझे इस में कामयाबी मिलती है या नहीं, ये अलग कहानी है ।

उन्होंने कहा कि स्लेक्टर्ज़ के पास नौजवान खिलाड़ी मौजूद हैं उन्हें परखने की ज़रूरत है । हमें हाल के बारे में सूचना चाहिए, वर्ना मुस्तक़बिल के चक्कर में हाल भी ख़राब हो सकता है । मुस्तक़बिल में कप्तान बनने की फ़िक्र नहीं क्योंकि ये काम पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड का है, मेरे सोचने से कोई फ़ायदा नहीं ।

टीम हर रोज़ नहीं जीत सकती, लेकिन दौरे जनूबी अफ़्रीक़ा में टीम की शिकस्त पर कोई उज़्र नहीं पेश करूंगा । अब आई सी सी चेम्पियंज़ ट्रॉफ़ी में बहुत मेहनत की ज़रूरत है, क्योंकि आई सी सी चेम्पियंज़ ट्रॉफ़ी मनी वर्ल्ड कप का दर्जा रखती है और आख़िरी मर्तबा मुनाक़िद होरही है लिहाज़ा हम ये ख़िताब हासिल करना चाहते हैं ।

उन्होंने कहा कि दौरे जुनूबी अफ़्रीक़ा में टी 20 कप्तान मुहम्मद हफ़ीज़ से इख़तिलाफ़ात की बातें मन घड़त हैं । 14 वन्डे मुक़ाबलों में सेंचुरी ना बनाने की बात है तो इस का मुझे एहसास है दुख नहीं लेकिन कई मर्तबा ऐसा हुआ कि में सेंचुरी बना सकता था लेकिन मैच ख़त्म हो गया । वाज़ह रहे कि मिसबाह-उल-हक़ के दिफ़ाई मिज़ाज और कप्तानी पर गुजिश्ता कई सालौ से तन्क़ीदें की जा रही हैं ।

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