‘सबका साथ सबका विकास’ दलितों और अल्पसंख्यकों के बिना कैसे होगा: हामिद अंसारी

‘सबका साथ सबका विकास’ दलितों और अल्पसंख्यकों के बिना कैसे होगा: हामिद अंसारी
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नई दिल्ली: इंडियन एसोसिएशन ऑफ़ लॉयर्स के नौवें राष्ट्रीय सम्मलेन के उद्घाटन पर भाषण देते हुए देश के उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी ने देश के प्रधानमंत्री मोदी की ‘सबका साथ सबका विकास’ की योजना पर सवाल उठाते हुए कहा है कि आज भी अल्पसंख्यकों और दलितों को उनके हक़ नहीं मिलते। भारत में सामाजिक न्याय की जमीनी हालत दर्शाई कुछ और जाती है जबकि है बिलकुल अलग।

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की अनुसूचित जाति और अल्पसंख्यक अत्याचार निवारण पर एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि धर्म और जाति आधारित हिंसा अभी भी जारी है। सामाजिक विकास करना है तो अल्पसंख्यक समुदाय और दलित वर्ग को अन्य समुदायों के समकक्ष लाना होगा। इसके अलावा देश के दलितों और अल्पसंख्यकों को उनको अधिकारों के लिए खड़े होना चाहिए। कई बार उनके अधिकारों और जिम्मेदारियों की याद दिलाने की जरूरत पड़ती है। न्यू वर्ल्ड वेल्थ की रिसर्च की रिपोर्ट के तहत सामजिक गैर बराबरी में भारत का 12वां स्थान है।

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