सबरीमाला विवाद पर अमित शाह का केरल सरकार पर हमला- कितनी मस्जिदों से हटाए गए लाउडस्पीकर?

सबरीमाला विवाद पर अमित शाह का केरल सरकार पर हमला- कितनी मस्जिदों से हटाए गए लाउडस्पीकर?
Chawmanu: BJP National President Amit Shah addresses a public meeting in Chawmanu, Tripura on Sunday. PTI Photo (PTI2_11_2018_000188B)

केरल में लोकसभा चुनावों की तैयारियों का जायजा लेने पहुंचे अमित शाह ने एक जनसभा को संबोधित किया. जहां शाह ने केरल की सत्ता पर काबिज वाम दल और कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा. बीजेपी अध्यक्ष ने कहा कि कम्युनिस्ट पार्टी का दुनियाभर में अस्तित्व नहीं बचा है. देश में कांग्रेस पार्टी की यही स्थिति है.  शाह ने केरलवासियों से कहा, नरेंद्र मोदी को एक मौका दीजिए. हम केरल को देश का नंबर एक राज्य बनाएंगे. सबरीमला मुद्दे पर केरल की सत्तारूढ़ माकपा की आलोचना करते हुए भाजपा अध्यक्ष शाह ने कहा कि राज्य सरकार अयप्पा के करोड़ों श्रद्धालुओं को ठग रही है और उन्हें न्याय से वंचित कर रही है. शाह के अनुसार इससे राज्य में इस कम्युनिस्ट पार्टी की बुनियाद डांवाडोल हो जाएगी. बीजेपी अध्यक्ष ने वाम सरकार पर प्रहार करते हुए कहा कि सबरीमला प्रदर्शन के दौरान 2000 से अधिक श्रद्धालु सलाखों के पीछे डाल दिये गये और 30000 से अधिक लोगों के खिलाफ मामले दर्ज किये गये.

शाह ने कहा कि वाममोर्चा सरकार देश में सबरीमला के करोड़ों श्रद्धालुओं को ठगती आ रही है. मैं आपको याद दिलाना चाहता हूं कि इससे बस कम्युनिस्ट पार्टी की बुनियाद डांवाडोल हो जाएगी. शाह ने कहा, वाममोर्चा सरकार कह रही है कि वह उच्चतम न्यायालय के फैसले से बंधी है. लेकिन हाई कोर्ट ने तो यह भी कहा है कि मस्जिदों में लाउडस्पीकर का इस्तेमाल नहीं किया जाए उन्होंने सवाल किया, कितनी मस्जिदों से लाउडस्पीकर हटाये गये। क्या आपने उस फैसले को लागू किया। ” शाह ने कहा,‘‘नास्तिक कम्युनिस्टों ने आस्थावानों को इंसाफ से वंचित किया.

केरल की वाम सरकार के अलावा शाह ने विपक्ष को भी जमकर निशाना साधा. शाह ने विपक्षी दलों के प्रस्तावित ‘महागठबंधन’ पर हमला करते हुए कहा कि अगर यह सत्ता में आता है तो सप्ताह में हर दिन एक नया प्रधानमंत्री होगा. पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए शाह ने कहा कि ‘महागठबंधन’ देश के लिए अच्छा नहीं है. शाह के मुताबिक गठबंधन सत्ता पाने का एक मोर्चा मात्र है और उसकी कोई विचारधारा या नेता नहीं हैप्रस्तावित विपक्षी मोर्चे पर निशाना साधते हुए शाह ने कहा कि अगर यह सत्ता में आया तो सप्ताह के हर दिन एक नया प्रधानमंत्री होगा. उन्होंने कहा, ‘‘मैं आपको बताता हूं कि अगर विपक्ष सत्ता में आया तो प्रधानमंत्री कौन होगा. सोमवार को अखिलेश यादव, मंगलवार को मायावती होंगी, बुधवार चंद्रबाबू नायडू के लिए होगा और बृहस्पतिवार देवगौड़ा के लिए, ममता बनर्जी शुक्रवार को प्रधानमंत्री होंगी और शनिवार को द्रमुक नेता एम के स्टालिन होंगे. उन्होंने कहा कि रविवार को अवकाश होने के कारण कोई प्रधानमंत्री नहीं होगा.

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