Tuesday , December 12 2017

सब ने चलाई थी पठानकोट हमले की रिपोर्ट फिर हमारे ऊपर बैन क्यों -एनडीटीवी

नई दिल्ली: केंद्र सरकार द्वारा हिंदी न्यूज़ चैनल एनडीटीवी पर एक दिन के बैन लगाये जाने पर केंद्र सरकार की कड़ी आलोचना हो रही है। केंद्र की भाजपा सरकार फ़ासीवादी रवैया अपनाते हुए एनडीटीवी पर पठानकोट हमलों की कवरेज के दौरान संवेदनशील जानकारियां देने और कवरेज को राष्ट्रीय सुरक्षा पर संकट के आरोप में 24 घंटे का प्रतिबंध लगाया है जो की सरासर गलत है और इसे अघोषित आपत्काल भी समझा जा रहा है।

इस बीच एनडीटीवी ने अपना पक्ष साफ़ करते हुए एक बयान जारी कर कहा कि “सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय का आदेश प्राप्‍त हुआ है। बेहद आश्चर्य की बात है कि NDTV को इस तरीके से चुना गया। सभी समाचार चैनलों और अखबारों की कवरेज एक जैसी ही थी। वास्‍तविकता में NDTV की कवरेज विशेष रूप से संतुलित थी। आपातकाल के काले दिनों के बाद जब प्रेस को बेड़ियों से जकड़ दिया गया था, उसके बाद से NDTV पर इस तरह की कार्रवाई अपने आप में असाधारण घटना है। इसके मद्देनजर NDTV इस मामले में सभी विकल्‍पों पर विचार कर रहा है”।

सुचना प्रसारण मंत्रालय के एक पैनल ने पठानकोट में चरमपंथी हमले को लेकर एनडीटीवी के कवरेज को राष्ट्रीय सुरक्षा पर संकट बताते हुए 24 घंटे की पाबंदी लगा दी है जिसके तहत एनडीटीवी इंडिया को 9 नवंबर को 24 घण्टे के लिए ऑफ एयर रहना होगा।

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