Monday , December 18 2017

सभी अंचलों में दाखिल-खारिज ऑनलाइन : हेमंत सोरेन

झारखंड में ब्लॉकों के कंप्यूटरइज्ड का काम हद्फ़ से पीछे चल रहा है। गुजिस्ता साल वजीरे आल हेमंत सोरेन ने रांची में मुनक्कीद प्रोग्राम में तमाम 210 अंचलों को मार्च 2014 तक ऑनलाइन करने की हिदायत दिया था।

झारखंड में ब्लॉकों के कंप्यूटरइज्ड का काम हद्फ़ से पीछे चल रहा है। गुजिस्ता साल वजीरे आल हेमंत सोरेन ने रांची में मुनक्कीद प्रोग्राम में तमाम 210 अंचलों को मार्च 2014 तक ऑनलाइन करने की हिदायत दिया था।

नेशनल लैंड रीफॉर्म मैनेजमेंट प्रोग्राम (एनएलआरएमपी) के तहत तमाम अंचलों को ऑनलाइन करने का फैसला लिया गया है। लोहरदगा के तमाम सात अंचलों को ऑनलाइन कर दिया गया है।

जिले के कुड़ू, भंडरा, कैरो, किस्को, पेशरार, सेनहा और लोहरदगा अंचलों को ऑनलाइन किये जाने से तमाम 354 गांवों और 66 ग्राम पंचायतों के लोगों को कंप्यूटराइज़्ड़ का फाइदा मिलना शुरू हो गया है। दाखिल-खारिज से लेकर अंचलों से मुतल्लिक़ तमाम काम कंप्यूटर से दस्तावेजों में फराहम किये जा रहे हैं। आमदनी और ज़मीन बेहतरी महकमा की मानें, तो दारुल हुकूमत के इटकी, नामकुम, कांके और मांडर अंचलों का भी कंप्यूटराइजेशन किया जा चुका है। ऑनलाइन अंचलों में बोकारो जिले के दो, रामगढ़ के दो और सरायकेला-खरसांवां के एक अंचल को नेटवर्किग से जोड़ा गया है।

अंचलों के ऑनलाइन होने से सरकारी कामों में शफ़ाफ़ियत आयेगी। साथ ही ज़मीन के दस्तावेजों में होनेवाली गड़बड़ी पर रोक लगेगी।

जेबी तुबिद, प्रिन्सिपल सेक्रेटरी
आमदनी और ज़मीन बेहतरी महकमा

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