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समय से पहले बजट पेश करने पर विपक्षी दलों ने जताई नाराज़गी

नई दिल्ली : विपक्षी दलों ने 30 जनवरी  बजट सत्र की पूर्वसंध्या पर इस बात का इशारा दिया कि नोटबंदी का मुद्दा संसद के इस सत्र में जोरशोर से उठेगा |  पिछले शीतकालीन सत्र के दौरान इस मुद्दे के कारण कोई कामकाज नहीं हो सका था |  कुछ राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव के बीच समय से पहले बजट पेश करने को लेकर भी विपक्षी दलों ने नाराज़गी ज़ाहिर की है | कांग्रेस और माकपा के नेतृत्व में विपक्षी दलों ने सरकार की ओर से बुलाई गई सर्वदलीय बैठक के दौरान सत्र के दौरान नोटबंदी के मुद्दे पर चर्चा कराने की मांग की| उन्होंने कि इससे जनता काफी प्रभावित हुई है वे फिर से इस मुद्दे को उठायेंगे |
बजट सत्र के पहले हिस्से में नोटबंदी के मुद्दे पर चर्चा करायी जाने की मांग कांग्रेस के एक अन्य नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया और माकपा महासचिव सीताराम येचूरी ने की | ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि बजट सत्र के दूसरे हिस्से से पहले एक और सर्वदलीय बैठक सरकार को बुलानी चाहिए|  येचुरी ने कहा कि सरकार के इस कदम के कारण पूरे भारत के लोग प्रभावित हुए हैं इसलिए हमने सरकार को बताया है कि नोटबंदी के मुद्दे पर दो दिनों तक चर्चा करायी जानी चाहिए |  क्योंकि सीताराम येचुरी ने कहा कि एक फरवरी को बजट पेश करना अवैज्ञानिक है क्योंकि इसमें तीसरी तिमाही के आंकड़ों पर विचार नहीं किया जा सकेगा जो फरवरी के मध्य तक आती है|
सर्वदलीय बैठक में  नोटबंदी की सबसे मुखर आलोचक तृणमूल कांग्रेस शामिल नहीं हुई | उसने कहा कि उसके सांसद नोटबंदी के विरोधस्वरूप बजट सत्र के पहले दो दिन संसद में मौजूद नहीं रहेंगे| राज्यसभा में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि समय से पहले सरकार को बजट सत्र नहीं बुलाना चाहिए था|  2012 में पैदा हुए ऐसे ही हालात का जिक्र करते हुए कांग्रेस नेता ने कहा कि राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव के मद्देनजर तत्कालीन संप्रग सरकार ने बजट सत्र को टाल दिया था|  आजाद ने कहा, ‘हमने सरकार से कहा है कि उन्हें बजट सत्र बुलाने के बारे में ऐसी घोषणा से बचना चाहिए था जो पांच राज्यों में चुनाव के दौरान समान अवसर उपलब्ध कराने को प्रभावित करता हो|
पार्टी सुप्रीमो ममता बनर्जी की अध्यक्षता में तृणमूल संसदीय पार्टी की बैठक के बाद बनर्जी ने कहा कि नोटबंदी को संसद को विश्वास में लिये बिना लागू किया गया है इसलिए  बजट सत्र के पहले दो दिन तृणमूल सांसद नोटबंदी के विरोधस्वरूप संसद में उपस्थित नहीं रहेंगे |

 

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