सरकारी दवा ख़ानों में मुफ़्त और बला रुकावट तिब्बी ख़िदमात की फ़राहमी पर ज़ोर

सरकारी दवा ख़ानों में मुफ़्त और बला रुकावट तिब्बी ख़िदमात की फ़राहमी पर ज़ोर
वज़ीर-ए-आज़म मनमोहन सिंह ने दवाख़ाना में शरीक मरीज़ों को बेहतर तिब्बी ख़िदमात फ़राहम करने के लिए इंश्योरेंस इस्कीमात को मर्कूज़ करने की ज़रूरत पर ज़ोर दिया और कहा कि हिंदूस्तान को तमाम सरकारी हॉस्पिटल्स में बला रुकावट और पैसा ख़र्च किए ब

वज़ीर-ए-आज़म मनमोहन सिंह ने दवाख़ाना में शरीक मरीज़ों को बेहतर तिब्बी ख़िदमात फ़राहम करने के लिए इंश्योरेंस इस्कीमात को मर्कूज़ करने की ज़रूरत पर ज़ोर दिया और कहा कि हिंदूस्तान को तमाम सरकारी हॉस्पिटल्स में बला रुकावट और पैसा ख़र्च किए बगै़र आउट पेशेंट ख़िदमात फ़राहम करने के लिए मज़ीद इक़दामात करने की ज़रूरत है।

उन्होंने मज़ीद कहा कि तालीम और सेहत बारहवीं पंच साला मंसूबा में कलीदी तर्जीहात की हैसियत से शामिल हैं। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि सेहत पर अवामी मसारिफ़ को मजमूई घरेलू पैदावार (जी डी पी) के 2.5 फ़ीसद हिस्सा तक बढ़ाने का मक़सद हासिल करने के लिए मज़ीद इक़दामात करने की ज़रूरत है। डाक्टर मनमोहन सिंह ने जो आज यहां पोलीयो सिम्ट से खेताब कररहे थे कहाकि हमारे तमाम सरकारी दवा ख़ानों में आउट पेशेंट सरविस को मुफ़्त और बला रुकावट बनाने की ज़रूरत है।

उन्होंने इन 23 लाख वालीनटर्स की सताइश की जिन्होंने हिंदूस्तान को पोलीयो से मुकम्मल तौर पर पाक साफ़-ओ-महफ़ूज़ बनाने में मदद की। वज़ीर-ए-आज़म ने सेहत-ओ-तबाबत की ख़िदमात को आम आदमी की रसाई तक यक़ीनी बनाने के लिए जारी कोशिशों में मज़ीद इज़ाफ़ा करने की ज़रूरत पर ज़ोर दिया। उन्हों ने अवामी सेहत और तिब्बी निज़ाम को मज़ीद मुस्तहकम बनाने पर ख़ुसूसी तवज्जा मर्कूज़ करने की ख़ाहिश की। वज़ीर-ए-आज़म ने सेहत तक आम रसाई के मक़सद के हुसूल के लिए अपने अह्द का इआदा किया और कहाकि ख़ानगी दवा ख़ानों में आउट पेशंट ख़िदमात के इलावा तशख़ीस और अदवियात की ख़रीदी के लिए दो तिहाई मसारिफ़ आइद होते हैं।

दवाख़ाना में शरीक मरीज़ों केलिए इंशोरंस असकीमात पर तवज्जा मर्कूज़ करने की ज़रूरत पर ज़ोर देते हुए वज़ीर-ए-आज़म ने कहाकि हुकूमत को तमाम सरकारी दवा ख़ानों में इन पेशंट के इलावा आउट पेशंट शोबा में भी मुफ़्त और बला रुकावट ख़िदमात की फ़राहमी को यक़ीनी बनाने की ज़रूरत है जो मंसूबा बंदी कमीशन से वाबस्ता माहिरीन के आला सतही ग्रुप की अहम सिफ़ारिश भी है। जिस का मक़सद अवाम को बेहतर सेहत तक रसाई फ़राहम करना है।

वज़ीर-ए-आज़म ने आफ़ाक़ी तिब्बी देख भाल के नज़रिया की हिमायत करते हुए कहा कि ये नज़रिया हर आदमी की सेहत को बेहतर बनाने के लिए की जाने वाली मसाई को कारकर्द बनाने में मुआविन साबित होगा। डाक्टर मनमोहन सिंह ने कहाकि जिस तरह पोलीयो मुहिम में मर्कज़ और रियास्ती हुकूमतों ने एक मुशतर्का मक़सद के लिए मुत्तहदा तौर पर काम किया है, मैं यक़ीन करता हूँ कि आफ़ाक़ी सेहत-ओ-तिब्बी देख भाल के नज़रिया पर भी हम सब मुत्तहदा तौर पर काम करेंगे।

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