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सरकारी मह्कमाजात ख़ून चूसने में मसरूफ़: जयसवाल

मर्कज़ी वज़ीर कोयला मिस्टर सिरी प्रकाश जयसवाल ने ये कहते हुए एक नया तनाज़ा पैदा कर दिया है कि कई सरकारी महकमा मच्छरों की तरह ख़ून चूसने में मसरूफ़ हैं ताहम उन्होंने आज वाज़िह किया कि इनके रिमार्कस का निशाना वज़ारत फायनेन्स नहीं थे । म

मर्कज़ी वज़ीर कोयला मिस्टर सिरी प्रकाश जयसवाल ने ये कहते हुए एक नया तनाज़ा पैदा कर दिया है कि कई सरकारी महकमा मच्छरों की तरह ख़ून चूसने में मसरूफ़ हैं ताहम उन्होंने आज वाज़िह किया कि इनके रिमार्कस का निशाना वज़ारत फायनेन्स नहीं थे । मिस्टर जयसवाल ने कल कानपूर में एक तक़रीब से ख़िताब करते हुए कहा था कि उन्हें पता चल गया है कि सिर्फ 100 करोड़ रुपये मालिया के लिए कितनी तग-ओ-दो की जाती है ।

जिस तरह मच्छर रात में इंसानों का ख़ून चूसते हैं इसी तरह कुछ मह्कमाजात भी ख़ून चूस रहे हैं । मिस्टर जयसवाल ने कल ज़ेवरात पर ड्यूटी में इज़ाफ़ा को वापस लेने ताजरेन के मुतालिबा की हिमायत की । ज़ेवरात पर एक्साइज़ ड्यूटी में इज़ाफ़ा के ख़िलाफ़ अपने ब्यान पर पैदा तनाज़ा को ज़राए इबलाग़ की कारस्तानी क़रार देते हुए मिस्टर जयसवाल ने कहा कि ख़ून चूसने से मुताल्लिक़ उनका ब्यान दूसरे कई मह्कमाजात से मुताल्लिक़ था वज़ारत फायनेन्स से मुताल्लिक़ नहीं ।

उन्होंने कहा कि कुछ चैनलों ने ये दिखाया है कि उन्होंने ये रिमार्कस वज़ारत फायनेन्स के ख़िलाफ़ किए हैं। ये अफ़सोस की बात है कि इन चैनलों ने हक़ीक़ी तस्वीर पेश नहीं की है । उन्होंने अख़बारी नुमाइंदों से बात चीत करते हुए कहा कि उन्होंने यही कहा है कि कई सरकारी मह्कमाजात में उहदेदारान ताजरेन को हंसा करते हैं और उन का ख़ून चूसते हैं ।

उन्हों ने कहा कि कई मह्कमाजात में मुलाज़मीन ताजरीन का ख़ून चूसा जाता है लेकिन उन्होंने ये रिमार्कस वज़ारत फायनेन्स के ताल्लुक़ से नहीं किए हैं। वज़ीर फायनेन्स मिस्टर परनब मुकर्जी ने मिस्टर जयसवाल के रिमार्कस की अहमियत को घटाने की कोशिश की है और कहा कि मिस्टर जयसवाल उनसे वज़ाहत कर चुके हैं और दरहक़ीक़त ऐसा कुछ नहीं है ।

इस मुआमला की तफ्सीली वज़ाहत हो चुकी है और अब मज़ीद किसी तब्सीरा या इज़हार ख़्याल की ज़रूरत नहीं है ।

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