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सरहद पर चीनी दरअंदाज़ी नाक़ाबिल-ए-क़बूल : किरण रिजीजू

हिन्दुस्तान, चीन की जानिब से सरहद पर किसी भी किस्म की दरअंदाज़ी क़बूल नहीं करेगा और अपनी सरज़मीन का दिफ़ा करेगा। मर्कज़ी वज़ीर-ए-ममलकत बराए दाख़िला किरण रिजीजू ने कहा कि ये वाक़ियात पेश आरहे हैं, लेकिन हम पूरी तरह वाज़िह करना चाहते हैं

हिन्दुस्तान, चीन की जानिब से सरहद पर किसी भी किस्म की दरअंदाज़ी क़बूल नहीं करेगा और अपनी सरज़मीन का दिफ़ा करेगा। मर्कज़ी वज़ीर-ए-ममलकत बराए दाख़िला किरण रिजीजू ने कहा कि ये वाक़ियात पेश आरहे हैं, लेकिन हम पूरी तरह वाज़िह करना चाहते हैं कि हम किसी भी किस्म की (चीनी) दरअंदाज़ी हमारी सरज़मीन पर क़बूल नहीं करेंगे और घुटने नहीं टैकेंगे। ये चीज़ हमारे लिए नाक़ाबिल-ए-क़बूल है।

वो एक तक़रीब के दौरान अलाहदा तौर पर प्रेस कान्फ्रेंस से ख़िताब कररहे थे। रिजीजू ने पुरज़ोर अंदाज़ में कहा कि हिन्दुस्तान पुरअमन और ख़ैरसिगाली का माहौल चाहता है और इसका मौक़िफ़ जारिहाना नहीं है। उन्हों ने कहा कि हिंद। चीन सरहद पर कुछ इलाक़े अच्छी तरह मुतय्यन नहीं है और हिन्दुस्तानी फ़ौज इस मुक़ाम तक पहुंच जाती है जहां उसे नहीं जाना चाहिए और चीनी पीपल्ज़ लिबरेशन आर्मी के फ़ौजी भी बाज़ औक़ात सरहद पार करके हिन्दुस्तानी आबी और ज़मीनी हदूद में दाख़िल होजाते हैं।

उन्होंने कहा कि लेकिन हमारा मौक़िफ़ मुस्तहकम है और हम अपनी सरज़मीन को किसी और के हाथों में जाने नहीं देंगे। इस सिलसिले में हमारा मौक़िफ़ बिलकुल वाज़िह है और अगर हम ज़्यादा जारहीयत का मुज़ाहरा नहीं करते तो इसका मतलब ये नहीं कि हम कमज़ोर हैं बल्कि उस की वजह ये है कि हम सरहद पर पुरअमन , ख़ैरसिगाली और इस्तेहकाम का माहौल देखना चाहते हैं।

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