Friday , December 15 2017

सर्जिकल स्‍ट्राइक का सबूत चाहिए तो पाकिस्‍तान में जा बसो: उमा भारती

uma-bharti-650_031_032814063423_040614113102_052614125559

केन्‍द्रीय मंत्री उमा भारती ने कहा कि ऐसे नेताओं को पाकिस्‍तान की नागरिकता ले लेनी चाहिए जो सर्जिकल स्‍ट्राइक पर ‘शक’ जता रहे हैं। एक सवाल के जवाब में भारती ने कहा कि जो नेता सर्जिकल स्‍ट्राइक के सबूत मांग रहे हैं उन्हें उन्‍हें सबूत मागने के बजाए पाकिस्‍तान की नागरिकता ले लेनी चाहिए औप वहीं जा बसना चाहिए। गौरतलब है कि पिछले दो दिन से सर्जिकल स्‍ट्राइक को लेकर कई राजनेताओं ने सर्जिकल स्ट्राईक पर संदेह जताया है । पहले दिल्ली के मुख्‍यमंत्री और आप पार्टी के मुखिया अरविंद केजरीवाल ने सोमवार को वीडियो जारी कर प्रधानमंत्री से पाकिस्‍तान के उस बात का जवाब देने को कहा जिसमें उसने कहा है कि सीमा पार कोई सर्जिकल स्ट्राईक नहीं हुआ है।

उन्‍होंने क‍हा कि सर्जिकल स्‍ट्राइक के बाद से पाकिस्‍तान बौखला गया है। वह अंतरराष्‍ट्रीय पत्रकारों को सीमा पर लेकर गया है। यह दिखाने की कोशिश कर रहा है कि सर्जिकल स्‍ट्राइक तो हुर्इ ही नहीं है। इसे झूठ साबित करने के लिए सबूत दिए जाएं। उसके बाद कांग्रेस नेता संजय निरुपम ने ट्वीट कर कहा कि प्रत्‍येक भारतीय पाकिस्‍तान के खिलाफ सर्जिकल स्‍ट्राइक् चाहता है लेकिन भाजपा की फर्जी वाली नहीं।

केजरीवाल के वीडियो पर मंगलवार को केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने पलटवार करते हुए कहा कि केजरीवाल देश की सेना पर शक कर रहे हैं। यदि उन्‍हें शक नहीं है तो फिर पाकिस्‍तान के झूठे प्रचार से प्रभावित कैसे हो रहे हैं। रविशंकर ने कांग्रेस नेता पी चिदंबरम पर भी निशाना साधते हुए क‍हा कि क्‍या वे भी सेना के जवानों के सर्जिकल स्‍ट्राइक कर सकने की क्षमता पर सवाल उठाने वालों में शामिल हैं। चिदंबरम ने एक अखबार को इंटरव्यू में कहा था कि उनकी सरकार के समय जनवरी 2013 में पीओके में सर्जिकल स्‍ट्राइक हुई थी। अब संजय निरुपम के बयान की भी तीखी आलोचना हो रही है। कांग्रेस ने खुद को निरुपम के बयान से पूरी तरह अलग कर लिया है।

TOPPOPULARRECENT