सलमान के रिमार्कस क़ाबिल एतराज़ दसतबरदारी का मुतालिबा

सलमान के रिमार्कस क़ाबिल एतराज़ दसतबरदारी का मुतालिबा
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मुंबई: 1993 के मुंबई धमाकों के मुक़द्दमे के ख़ुसूसी इस्तिग़ासा उज्जवल निकम ने इस मुक़द्दमे में सज़ाए मौत पाने वाले मुजरिम याक़ूब मैमन की मुदाफ़त में बॉलीवुड सुपर स्टार सलमान ख़ान के ट्वीटरस रिमार्कस पर सख़्त एतराज़ करते हुए उन से अपने इन रिमार्कस से फ़िलफ़ौर दसतबरदारी इख़तियार करने का मुतालिबा किया।

निकम ने पी टी आई से कहा कि सलमान के ये रिमार्कस हिन्दुस्तानी अदलिया का इमेज मुतास्सिर करने की कोशिश के मुतरादिफ़ हैं । उन्होंने कहा कि मैं इन ( सलमान) से पुछना चाहता हूँ कि आया वो मुजरिमाना साज़िशियों के बारे में जानते हैं या फिर अपनी शख़्सी मालूमात की बुनियाद पर याक़ूब मैमन को बेक़सूर क़रार दिया है।

उज्जवल निकम ने जिन्होंने सज़ाए मौत देने की दरख़ास्त की थी। दरयाफ़त किया कि आया इस किस्म के रिमार्कस के ज़रिये उन्हों ( सलमान) ने शहर पर हमले के दौरान अपने जान से महरूम होने वालों की तौहीन नहीं की है ? और आया वो ( सलमान) नहीं जानते कि इस किस्म की दहशतगर्द साज़िश केलिए अदालत ने याक़ूब को ये सज़ा दी है ? ।

उन्होंने कहा कि सलमान एक मशहूर-ओ-मारूफ़ शख़्स हैं और उन्हें अपने मद्दाहों को गुमराह नहीं करना चाहिए। निकम ने कहा कि मैं तवक़्क़ो करता हूँ कि सलमान अपने रिमार्कस से दसतबरदारी इख़तियार करलींगे। उज्जवल निकम ने कहा कि किसी भी मुल्क का इस्तिहकाम दो अनासिर पर वसी तर इन्हिसार होता है।

पहला ये है कि आम आदमी को मुल्क‌ की करंसी पर पूरा एतिमाद रहे। दूसरा ये कि इस आम आदमी को अपने मुल्क की अदलिया पर भी एतिमाद रहे। किसी मुजरिम के बारे में ग़ैर ज़रूरी रिमार्कस से अदलिया पर आम आदमी का एतिमाद मुतास्सिर होता है।

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