सलमान रश्दी को फतवा देना बोलने की आजादी का उल्लंघन है – स्वीडिश अकादमी

सलमान रश्दी को फतवा देना बोलने की आजादी का उल्लंघन है – स्वीडिश अकादमी
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स्टॉकहोल्म – 27 साल की चुप्पी तोड़ते हुये नोबेल प्राइज देने वाले स्वेडन के संस्थान ने ईरान द्वारा सलमान रश्दी को फतवा देने की आलोचना की है .

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स्वीडिश अकादमी के हेड टोमस रिअड ने कहाँ “मौत का फतवा देना लेखक की बोलने की आजादी का उल्लंघन है .

1989 में सलमान रश्दी को सेनाटिक वर्सेज के लियें ईरान के मरहूम नेता अयातुल्लाह खुमैनी ने मौत का फतवा दिया था .उन्होंने सेनाटिक वर्सेज को ईश निंदा मानते हुयें सलमान रश्दी को मौत देने की वकालत की थी .

सलमान रश्दी का जन्म भारत में मुस्लिम परिवार में हुआ था लेकिन उन्होंने इस्लाम को त्याग के नास्तिक बन गये है फतवे के वजह से सलमान रश्दी को अंडरग्राउंड होना पड़ा था .

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