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सलमान रुशदी एक आमियाना और गैर मयारी मुसन्निफ़ : काटजू

नई दिल्ली , २६ जनवरी (पी टी आई) सुप्रीम कोर्ट के साबिक़ जज मारकंडे काटजू आजकल अपने बेबाक और दो टोक ब्यानात केलिए काफ़ी मशहूर होते जा रहे हैं।

नई दिल्ली , २६ जनवरी (पी टी आई) सुप्रीम कोर्ट के साबिक़ जज मारकंडे काटजू आजकल अपने बेबाक और दो टोक ब्यानात केलिए काफ़ी मशहूर होते जा रहे हैं।

उन्हों ने हाल ही में बदनाम-ए-ज़माना मुसन्निफ़ सलमान रुशदी के बारे में भी बेबाक तबसरा करते हुए कहा कि सलमान एक नाक़िस और गैर मयारी अदीब हैं। अगर शैतानी कलिमात नामी उन की मुतनाज़ा किताब मंज़रे आम पर ना आती और एहतिजाज ना होता तो आज सलमान रुशदी को जानने वाला कोई नहीं होता। मिस्टर काटजू फ़िलहाल प्रेस कौंसल आफ़ इंडिया के सदर नशीन के ओहदा पर फ़ाइज़ हैं।

उन्हों ने सलमान रुशदी की सताइश करने वालों पर भी तन्क़ीद की और कहा कि सलमान रुशदी हिंदूस्तानी नज़ाद बर्तानवी मुसन्निफ़ हैं और उन्हें ख़ालिस अंग्रेज़ नहीं कहा जा सकता लेकिन क्या किया जाय हमारी हिंदूस्तानी ज़हनियत को कि हर चीज़ को जिन का ताल्लुक़ बैरूनी ममालिक से हो, उसे अज़ीम समझने लगती है। ये दरअसल हमारा एहसास कमतरी है जो हमें अंग्रेज़ों के दौर से विरसा में मिला है ।

जयपुर मैं मुनाक़िद हुए लिटरेरी फेस्टिवल में सलमान रुशदी शिरकत के बगैर छाए रहे । में ये कह कर किसी तनाज़ा में पड़ना नहीं चाहता कि हिंदूस्तान के दौरा के उन पर इमतिना आइद करना दरुस्त था यह ग़लत ? लेकिन मैं जिस मुआमला पर बात कर रहा हूँ वो बुनियादी नवीत का है ।

मिस्टर काटजू ने कहा कि उन्हों ने रुशदी की कुछ तसनीफ़ात का मुताला किया है लेकिन उन्हें रुशदी की तर्ज़ तहरीर मुतास्सिर नहीं कर सकी |

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