सलामती कौंसल से आज वज़ीर-ए-आज़म मनमोहन सिंह का ख़िताब

सलामती कौंसल से आज वज़ीर-ए-आज़म मनमोहन सिंह का ख़िताब
आलमी मईशत में हिंदूस्तान का तामीरी रोल, अक़वाम-ए-मुत्तहिदा जामि इस्लाहात केलिए ज़ोर ज़हीरउद्दीन अली ख़ान

आलमी मईशत में हिंदूस्तान का तामीरी रोल, अक़वाम-ए-मुत्तहिदा जामि इस्लाहात केलिए ज़ोर
ज़हीरउद्दीन अली ख़ान
अक़वाम-ए-मुत्तहिदा । 23 सितंबर । हिंदूस्तान अक़वाम-ए-मुत्तहिदा सलामती कौंसल में जामि इस्लाहात लाने पर ज़ोर देगा। इस के इलावा मौजूदा हक़ायक़ के तनाज़ुर में आलमी सतह पर यकसाँ निज़ाम क़ायम करने की जानिब उस वक़्त तवज्जा दिलाई जाएगी जब वज़ीर-ए-आज़म मनमोहन सिंह कल सलामती कौंसल के इजलास से ख़िताब करेंगे। मनमोहन सिंह जो कल यहां पहुंचे। अक़वाम-ए-मुत्तहिदा सलामती कौंसल के 66 वें सैशन के आला सतही इजलास में शिरकत करेंगे। अपने ख़िताब में वो जामि कनवेनशन बराए आलमी दहश्तगर्दी की ज़रूरत पर ज़ोर देने जैसे मसाइल पर तवज्जा मर्कूज़ करेंगे। कई दहों से दहश्तगर्दी एक लानत बनी हुई है और हिंदूस्तान इस दहश्तगर्दी का शिकार है। जैसा कि हिंदूस्तान आलमी मआशी सतह पर एक तामीरी रोल अदा करने वाला कलीदी उभरता हुआ मईशत रखने वाला मुलक है वो आलमी मआशी बहाली में अहम रोल अदा कररहा है। इस सिलसिले में मनमोहन सिंह तवक़्क़ो हीका अक़वाम-ए-मुत्तहिदा में हिंदूस्तान के अह्द का इआदा करेंगे। वो आज वज़ीर-ए-आज़म जापान अशीकोनोडा, सदर ईरान महमूद अहमदी नज़ाद और सदर श्रीलंका महिंदा राज पकसे से भी बाहमी मुलाक़ात करने वाले हैं। दिल्ली में हालिया दहश्तगर्द हमलों के पस-ए-मंज़र में हिंदूस्तान सी सी आई टी को फ़ौरी मंज़ूर करने पर ज़ोर देगा। इस सी सी आई टी से दहश्तगर्दी के ख़िलाफ़ आलमी ढांचा तैय्यार करने में मदद मिलेगी। इस मौक़ा पर अक़वाम-ए-मुत्तहिदा में हिंदूस्तान के नुमाइंदा हरदीप सिंह पूरी ने कल रात बताया कि उन्हें उम्मीद है कि अक़वाम-ए-मुत्तहिदा में इस्लाहात और आलमी दहश्तगर्दी से मुताल्लिक़ जो क़रारदाद तैय्यार की गई है, उन पर मुस्तक़बिल क़रीब में अमल किया जाएगा।इस सिलसिले में उन्हों ने निहायत मुहतात अंदाज़ में उम्मीद का इज़हार करते हुए कहा कि बहरहाल में इस के लिए कोई वक़्त मुतय्यन नहीं करसकता।वज़ीर-ए-आज़म के दौरा से मुताल्लिक़ नामा निगारों से मालूमात फ़राहम करते हुए मिस्टर पूरी ने बताया कि बहुत से ममालिक पहले से ही अक़वाम-ए-मुत्तहिदा में इस्लाहात पर ज़ोर दे रहे हैं और ये कि दहश्तगर्दी के सिलसिले ने हिंदूस्तान 9/11 के हमले से पहले से ही ज़ोर देता रहा है क्यों कि वो ख़ुद दहाईयों से इस का शिकार है।उन्हों ने कहा कि बहरहाल हिंदूस्तान ये बात बहुत अच्छी तरह जानता है कि ऐसे मुआमलों को हल करने के लिए कोई मुअय्यना निज़ाम अलाक़ात तै नहीं किया जा सकता है।मिस्टर हरदीप सिंह पूरी ने कहा कि इस आलमी इदारा यानी अक़वाम-ए-मुत्तहिदा में जब तक जामि इस्लाहात का अमल मुकम्मल नहीं किया जाता, ये काम अधूरा रहेगा। उन्हों ने यक़ीन दिलाया कि हिंदूस्तान ग्रुप 4 के दीगर ममालिक यानी ब्राज़ील, जर्मनी और जापान के साथ मिल कर इस काम को अंजाम देने के लिए सरगर्म रहेगा।उन्हों ने कहा कि हिंदूस्तान की सरबराही में तशकील दिए गए दहश्तगर्दी मुख़ालिफ़ पैनल की मीटिंग प्रोग्राम के मुताबिक़ 28 सितंबर को नैवर यार्क में होने वाली है जिस में उम्मीद है कि कमेटी के मैंबरान अगली दहाई के अपने निशानों को क़तई शक्ल देंगे।आज बाद में जापान, ईरान और श्रीलंका के लीडरों से मुलाक़ात करेंगे।मिस्टर हरदीप सिंह पूरी ने अक़वाम-ए-मुत्तहिदा सलामती कौंसल में हिंदूस्तान की मुस्तक़िल रुकनीयत की हिमायत के मुआमले पर चीन की सर्द मोहरी के सिलसिले में कहा कि ये सिर्फ़ वक़्त की बात है। कुछ दिनों के बाद चीन खुले तौर पर हिंदूस्तान के मौक़िफ़ की हिमायत करेगा। उन्हों ने इस सवाल के जवाब में कि डाक्टर मनमोहन सिंह अमरीकी सदर बारक ओबामा से मुलाक़ात क्यों नहीं करसके,कहा कि ये प्रोग्राम की मस्रूफ़ियत की वजह से नहीं होसका।बहरहाल उन्हों ने कहा कि ये दोनों लीडर इस साल कम अज़ कम दो बार मुलाक़ात करेंगे

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