सलामती कौंसिल ने पैरिस हमला की शदीद मुज़म्मत की

सलामती कौंसिल ने पैरिस हमला की शदीद मुज़म्मत की
सेक्रेट्री जेनरल अक़वामे मुत्तहिदा बान्की मून ने पैरिस के अख़बार पर दहश्तगर्द हमला की मुज़म्मत करते हुए कहा कि सलामती कौंसिल भी इस बात का मुतालिबा करती है कि दहश्तगर्द हमलों में मुलव्विस अफ़राद को फ़ौरी गिरफ़्तार किया जाए।

सेक्रेट्री जेनरल अक़वामे मुत्तहिदा बान्की मून ने पैरिस के अख़बार पर दहश्तगर्द हमला की मुज़म्मत करते हुए कहा कि सलामती कौंसिल भी इस बात का मुतालिबा करती है कि दहश्तगर्द हमलों में मुलव्विस अफ़राद को फ़ौरी गिरफ़्तार किया जाए।

याद रहे कि फ़्रांसीसी अख़बार चार्ली हेब्दो पर किए गए हमले में 12 अफ़राद हलाक हो गए जिन में अख़बार के एडीटर, कार्टूनिस्टस और एक पुलिस अफ़्सर भी शामिल हैं।

बान्की मून ने इंतिहाई सख़्त लहजा में हमला की मुज़म्मत की और कहा कि इस हमला को किसी भी तरह मुंसिफ़ाना नहीं कहा जा सकता जो आज़ाद इज़हारे ख़्याल पर हमला के मुतरादिफ़ है जो जम्हूरियत के अहम सुतूनों में से एक है।

हमले के बाद नकाबपोश दहश्तगर्द फ़रार होने में कामयाब हो गए। हमला आवर गोलियां चलाते हुए सड़क पर आ गए। काले रंग की कार और काले कपड़ों में मलबूस नक़ाब पोशों ने अल्लाहु अकबर के नारों के साथ अंधा धुंद फायरिंग शुरू करदी।

उस वक़्त अख़बार के दफ़्तर में मैनेजिंग एडीटर अपने रिपोर्टर्स और दीगर स्टाफ़ के साथ एक अहम मीटिंग में थे। हमें दहश्तगर्दों के बिछाए हुए जाल में नहीं फंसना चाहीए बल्कि ये वक़्त एक दूसरे से इज़हारे यगांगत करने का है।

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