Sunday , September 23 2018

सहकारी बैंकों में टैक्स माफी योजना की डिपॉजिट स्वीकार नहीं किए जाएंगे

नई दिल्ली: सरकार ने सहकारी बैंकों में नए टैक्स माफी योजना प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के तहत डिपॉजिट स्वीकार करने पर रोक लगा दी है। कहा गया है कि आयकर विभाग की ओर से सहकारी बैंकों में नोटबंदी के बाद हुई अनियमितताओं का पता चलने के मद्देनजर यह फैसला किया गया है।

पुराने 500 और 1000 रुपये के नोटों का चलन बंद करने के बाद केंद्र सरकार ने गैर परिकलित नकदी रखने वालों के लिए माफी योजना की घोषणा की है। इसके तहत उन पर 50 प्रतिशत टैक्स लगाया जाएगा और एक चौथाई राशि चार साल के लिए डिपाज़िट कर‌ली जाएगी। इस जमा राशी को किसी भी बैंक में डिपाज़िटस करवाया जा सकता हैं लेकिन अब सहकारी बैंकों को ऐसे जमा प्राप्त करने से रोक दिया गया है।

प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के तहत जमा 31 मार्च तक जमा करवाए जा सकते हैं। सरकार ने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के तहत अपने घोषणा संपादित करते हुए कहा कि बांड लेडजर खाता प्रारूप में जमा आवेदन कोई भी बैंक कंपनी ‘छोड़कर सहकारी बैंकों के’ स्वीकार कर सकती है। इस योजना के तहत गैर परिकलित धन रखने वाले व्यक्ति अगर इस प्रस्ताव से लाभ करना चाहते हैं तो उन्हें पहले टैक्स की राशि चुकानी होगी इसके बाद बैंक की ओर से चार साल की जमा की सुविधा से लाभ के लिए चालान फार्म भरना होगा।

TOPPOPULARRECENT