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सहाफ़ीयों (पत्रकारों) के फ़ोन नंबरात का सयासी मक़ासिद के लिए इस्तिमाल

सहाफ़ीयों (पत्रकारों) के फ़ोन नंबरात का सयासी मुफ़ाद के लिये इस्तिमाल किया जा रहा है । इस के ज़रीया बदउनवानीयों (भ्रष्टाचार) में मुलव्विस अफ़राद ( माफिया ) सहाफ़ीयों (पत्रकारों) के लिये ख़तरात में इज़ाफ़ा कर दिया है और सी बी आई ज्व

सहाफ़ीयों (पत्रकारों) के फ़ोन नंबरात का सयासी मुफ़ाद के लिये इस्तिमाल किया जा रहा है । इस के ज़रीया बदउनवानीयों (भ्रष्टाचार) में मुलव्विस अफ़राद ( माफिया ) सहाफ़ीयों (पत्रकारों) के लिये ख़तरात में इज़ाफ़ा कर दिया है और सी बी आई ज्वाइंट डायरेक्टर , ज़राए इबलाग़ इदारों और सहाफ़ीयों (पत्रकारों) को ब्लैक मेल करने की कोशिश की जा रही है । साबिक़ स्पीकर असैंबली मिस्टर वाई राम कृष्णो डू ने सहाफ़ीयों (पत्रकारों) के फ़ोन नंबरात को अवाम के सामने पेश किये जाने की शदीद (शख्त) मुज़म्मत करते हुए इन ख़्यालात का इज़हार किया ।

उन्हों ने बताया कि सहाफ़ी (पत्रकार ) (पत्रकार ) अपनी पेशा वाराना ज़िम्मा दारीयों को निभाते हुए ताज़ातरीन सूरत-ए-हाल को अवाम के सामने पेश कररहे हैं उन्हें इस फ़रीज़ा की अदाएगी से रोकने के लिये इस तरह की कोशिशें की जा रही हैं । मिस्टर वाई राम कृष्णो डू ने बताया कि रियासत में हुए लाखों करोड़ के अस्क़ामस की तहकीकात सी बी आई कररही है और सहाफ़ी (पत्रकार ) उस की इत्तिलाआत अवाम तक पहुंचा रहे हैं ।

उन्हों ने साक्षी मीडिया को तन्क़ीद का निशाना बनाते हुए कहा कि जब साक्षी के अकाउंट्स मोहर बंद किए गए थे उस वक़्त उसे सहाफ़त पर हमला क़रार देते हुए तमाम सहाफ़ीयों (पत्रकारों) की ख़िदमात हासिल की गई और एहतिजाज करवाया गया लेकिन अब वाई एस आर कांग्रेस रास्त सहाफ़त की आज़ादी पर कारी ज़र्ब लगाने की मुर्तक़िब (वजह) बन रही है । मिस्टर वाई राम कृष्णो डू ने बताया कि रियासत में हुई लाखों करोड़ की बदउनवानीयों (भ्रष्टाचार) में मुलव्विस माफिया की जानिब से तहक़ीक़ाती इदारे और सहाफ़ीयों (पत्रकारों) को ब्लैक मेल करते हुए हक़ायक़ को अवाम के सामने लाने से रोकने के मक़सद के तहत ये कोशिश की गई है ।

साबिक़ स्पीकर असैंबली ने बताया कि सहाफ़ीयों (पत्रकारों) को ख़िदमात की अंजाम दही से रोकना जमहूरी इक़दार (ढाँचे) को पामाल करने के मुतरादिफ़ (बराबर) है । उन्हों ने कहा कि सहाफ़ीयों (पत्रकारों) के फ़ोन नंबरात अवाम के सामने पेश करने वालों को चाहीए कि वो सहाफ़ीयों (पत्रकारों) से उन के काम में मुदाख़िलत करने पर माज़रत ख़्वाही करें ।

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