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सहारनपुर: दलितों से मिले राहुल गांधी, लगाई पंचायत

सहारनपुर। जातीय हिंसा का दंश झेल रहे यूपी में सहारनपुर के शब्बीरपुर गांव में व्याप्त तनाव के मद्देनजर सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए जिला प्रशासन ने कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी को शनिवार को गांव जाने से रोक दिया।

राहुल गांधी ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बबलू कुमार से पूछा कि मुझे किस कानून के तहत रोका गया। आप मुझे यह बोलो कि हम आपको बॉर्डर पर रोक रहे हैं। मुझे बताओ कि किस कानून के तहत रोक रहे हो।

राहुल गांधी का काफिले को यमुना पुल पार करते ही सरसावा क्षेत्र में रोक लिया गया। वह कांग्रेस नेता गुलाम नवी आजाद और प्रदेश अध्यक्ष राज बब्बर के साथ दिल्ली से सुबह चलकर हरियाणा होते हुए सहारनपुर के तनावग्रस्त शब्बीरपुर जाना चाह रहे थे।

रोके जाने पर राहुल गांधी पास के ही एक ढाबे पर बैठ गए और स्थानीय लोगों से मिलने लगे। कांग्रेस उपाध्यक्ष ने पत्रकारों से कहा कि वह सहारनपुर अस्पताल में भर्ती घायलों से मिलने के बाद शब्बीरपुर में पीडितों से मुलाकात करना चाहते थे लेकिन प्रशासन ने उन्हें वहां जाने से रोक दिया। उनका कहना था कि उन्हें उत्तर प्रदेश में घुसने से रोकने की कोशिश की गई।

सहारनपुर प्रशासन का तर्क था कि 23 मई को बहुजन समाज पार्टी(बसपा) अध्यक्ष के गांव से वापसी के बाद हुई हिंसा के मद्देनजर अब वहां राजनीतिज्ञों के जाने पर रोक लगा दी गई है ताकि जल्द से जल्द स्थिति सामान्य हो सके। राहुल गांधी की यात्रा के मद्देनजर प्रशासन सतर्क था।

हरियाणा के अम्बाला के जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक से सामंजस्य बिठाकर जिला प्रशासन काम कर रहा था। मंडलायुक्त एमपी अग्रवाल ने बताया कि शांति भंग होने की आशंका के तहत राहुल गांधी बडगांव क्षेत्र के तनावग्रस्त शब्बीरपुर गांव जाने से रोका गया।

मायावती के दौरे के बाद फैली हिंसा की वजह से प्रशासन ने तय किया है कि शब्बीरपुर जाने की इजाजत नेताओं को नहीं दी जाएगी। मायावती के अलावा कांग्रेस केपीएल पुनिया, कुमारी शैलजा और राजब्बर सहारनपुर का दौरा कर चुके हैं।

गौरतलब है कि जातीय संघर्ष की वजह से तनावग्रस्त शब्बीरपुर गांव में गत 23 मई को बहुजन समाज पार्टी (बसपा) अध्यक्ष मायावती के जाने के बाद वहां तीसरी बार हिंसा भडक उठी थी। इससे पहले पांच और नौ मई को भी बवाल हुआ था।

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