Thursday , January 18 2018

सांप्रदायिकता के खिलाफ तृणमूल कांग्रेस जागरूकता अभियान

2019 में देश की राष्ट्रीय राजनीति में प्रमुख भूमिका निभाने की इच्छा तृणमूल कांग्रेस भाजपा और आरएसएस के खिलाफ सभी धर्मनिरपेक्ष दलों को एकजुट और एक मंच पर लाने की कोशिश करने का फैसला क्या है .कुछ दिन पहले मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने एक ट्वीट में आतंकवाद की निंदा करते हुए कहा कि फरवारयत आधारित हिंसा सबसे खतरनाक है। इसके बाद पार्टी नेताओं की बैठक में मुख्यमंत्री ने तृणमूल कांग्रेस के नेताओं को भाजपा पार्टी की सांप्रदायिक राजनीति को थाल ाभाम करने का निर्देश देते हुए कहा कि हर मोर्चे पर भाजपा की सांप्रदायिकता की राजनीति को उजागर करें और जनता को इससे अवगत कराया जाए पार्टी सांसद और पूर्व केंद्रीय रेल मंत्री दिनेश त्रिवेदी को पार्टी ने भाजपा की सांप्रदायिकता पर पुस्तक तैयार करने की जिम्मेदारी दी है|

पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने बताया कि तृणमूल कांग्रेस देश की सभी धर्मनिरपेक्ष दलों को एकजुट करने की कोशिश करेगी ताकि सांप्रदायिक ताकतों को उभरने का मौका न मिले । किताब के लिए तैयारिया हो चुकी है और पार्टी के शीर्ष नेताओं अंतिम रूप देने की तैयारी कर रहे हैं। इस किताब में सांप्रदायिकता के खिलाफ मोदी के अलावा ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली सरकार की उपलब्धियों और सींगोर मजबूर भूमि अधिग्रहण आंदोलन पर भी प्रकाश डाला गया है|

ममता बनर्जी ने बंगाल में सांप्रदायिक ताकतों का मुकाबला करने के लिए तीन सूत्री एजेंडा पेश किया है जो इस पुस्तक में विस्तार से प्रकाश डाला गया है| फरकह समलैंगिक के खिलाफ अभियान के तहत राज्य में 3 नवंबर से 11 नवंबर के बीच छोटी रैलियों का आयोजन हो गया जिस के द्वारा सांप्रदायिकता के नुकसान और आरएसएस और भाजपा के उठान से होने वाले नुकसान से जनता को अवगत कराया जाएगा पार्लियामेंट‌ अगले सत्र में तृणमूल कांग्रेस ने केंद्र सरकार के खिलाफ आक्रामक रवैया अपनाने का फैसला किया है|

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